उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने के दौरान बवाल हो गया. इस दौरान गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया. इसके बाद पुलिस ने भी लाठीचार्ज करते हुए आँसू गैस के गोले छोड़े.
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का अभियान चलाया जा रहा है. इसके लिए शाही मस्जिद के एक छोटे हिस्से को हटाए जाने के दौरान जमकर बवाल हुआ. बताया जा रहा है की मौके पर मौजूद पुलिस पर भीड़ ने पथराव कर दिया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. जानकारी के मुताबिक़ अब इस मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 5 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी केस दर्ज किया गया है.वहीं, मंगलवार सुबह मस्जिद नुमाइंदा कमेटी के सदस्य आपसी सहमति से निर्माण को फिर से खुद ही हटा रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक़ कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग के सड़क चौड़ीकरण की योजना के तहत छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद के निर्माण का कुछ हिस्सा हटाया जा रहा है. मार्ग चौड़ीकरण का काम प्रभावित न हो, इसके लिए मस्जिद के नीचे संचालित आठ से दस दुकानों को भी देर रात खाली करा लिया गया है. प्रशासन का कहना है कि सड़क को चौड़ा करने के लिए जरूरी हिस्से को हटाने पर कमेटी के सदस्यों की सहमति थी.
पुलिस ने किया बल का प्रयोग
प्रशासन के मुताबिक मस्जिद कमेटी द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से निर्माण हटाए जाने के बावजूद सोशल मीडिया पर भ्रामक रील और वीडियो शेयर होने लगे. इनमें दावा किया गया कि प्रशासन बुलडोजर के जरिए मस्जिद को तोड़ रहा है. इन अफवाहों के बाद टंकी चौक और अंडा गली इलाके से लोगों की भीड़ मस्जिद की ओर बढ़ने लगी. कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.
15 लोगों को किया गया गिरफ्तार
जानकारी के मुताबिक़ पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक वीडियो और अफवाह फैलाने के मामले में पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ खाराकुआं थाने में प्रकरण दर्ज किया है. इसके साथ ही 15 लोगों को गिरफ्तार किया है. सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.
कलेक्टर ने की अफवाहों से बचने की अपील
मामले को लेकर उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि मस्जिद कमेटी और संबंधित लोगों ने शहर के विकास तथा सड़क चौड़ीकरण के लिए आपसी सहमति से निर्माण हटाने की पहल की है. उन्होंने आम नागरिकों से सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक खबरों और अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की अपील की है.
