SP PDA formula Rajya Sabha election: यूपी राज्यसभा चुनाव में सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर सस्पेंस बरकरार है. जानिए क्या सलीम शेरवानी को मौका मिलेगा या अखिलेश यादव देंगे कोई नया सरप्राइज.

SP PDA formula Rajya Sabha election: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर होने जा रहे चुनाव ने राज्य की राजनीति में अचानक गर्माहट बढ़ा दी है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने दो प्रत्याशियों के नाम आगे बढ़ाकर बाकी दलों की नींद उड़ा दी है. सपा की ओर से प्रोफेसर रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी ने अपना पर्चा भर दिया है. लेकिन असली सस्पेंस पार्टी के तीसरे उम्मीदवार को लेकर बना हुआ है. सपा की तरफ से तीसरे प्रत्याशी का नाम अभी तक सामने नहीं आया है. राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहा है कि क्या अखिलेश यादव अपने पुराने सहयोगी सलीम शेरवानी पर दांव लगाएंगे या फिर धनराज नथवानी की तरह कोई नया सरप्राइज देंगे.
तीसरे प्रत्याशी के नाम पर 2 अक्टूबर के बाद फैसला
सपा सूत्रों की मानें तो प्रोफेसर रामगोपाल यादव के साथ पहले कद्दावर मुस्लिम नेता सलीम शेरवानी का नाम लगभग तय था. अखिलेश यादव ने पिछले चुनावों के दौरान शेरवानी को राज्यसभा भेजने का भरोसा दिया था. सलीम शेरवानी ने हाल ही में अखिलेश यादव से मुलाकात भी की थी, जिसके बाद उनके नाम की चर्चा तेज हो गई थी. लेकिन अचानक धनराज नथवानी का नाम सामने आने से शेरवानी की उम्मीदवारी फिलहाल अटक गई है. अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया है कि जरूरी संख्या बल पूरा होने पर ही वे 3 अक्टूबर के आसपास तीसरे प्रत्याशी के नाम का ऐलान करेंगे.
मुस्लिम चेहरे से मजबूत होगा PDA समीकरण
सपा में यह लगभग तय माना जा रहा है कि पूर्व नौकरशाह आलोक रंजन अब इस रेस का हिस्सा नहीं हैं. ऐसे में अखिलेश यादव तीसरे चेहरे के रूप में किसी मजबूत मुस्लिम नेता को ही आगे ला सकते हैं. अगर सपा ऐसा करती है, तो इससे पार्टी का ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूला काफी मजबूत हो जाएगा. इस रणनीति से सपा के तीनों सीटों का संतुलन एकदम फिट बैठ जाएगा. इसमें एक पिछड़ा चेहरा, एक सवर्ण और एक मुस्लिम प्रतिनिधि शामिल हो जाएगा. इससे सपा अपने कोर वोट बैंक को एकजुट रखने में सफल हो सकती है.
विरोधी दलों के मुस्लिम विधायकों पर सपा की नजर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तीसरे उम्मीदवार के तौर पर किसी बड़े मुस्लिम चेहरे को उतारकर सपा एक बड़ा दांव चल सकती है. इससे बीजेपी के सहयोगी दलों में मौजूद मुस्लिम विधायकों का समर्थन जुटाने में मदद मिल सकती है. जयंत चौधरी की आरएलडी के पास दो मुस्लिम विधायक हैं. इसके अलावा ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा और अनुप्रिया पटेल की अपना दल (एस) के पास भी एक-एक मुस्लिम विधायक हैं. सपा को उम्मीद है कि मुस्लिम प्रत्याशी के मैदान में होने से इन विधायकों की तरफ से क्रॉस वोटिंग या नैतिक समर्थन मिल सकता है.
ओवैसी की पार्टी और विरोधियों के हमलों का जवाब
धनराज नथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने सपा पर तीखा हमला बोला है. AIMIM का आरोप है कि सपा मुसलमानों से वोट तो ले लेती है, लेकिन राज्यसभा में बीजेपी से जुड़े परिवारों के लोगों को भेजती है. इसी बीच आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा ने भी अखिलेश यादव से लंबी मुलाकात की है. ऐसे माहौल में अगर अखिलेश यादव सलीम शेरवानी या किसी अन्य मुस्लिम नेता को राज्यसभा भेजते हैं, तो वे विरोधी दलों द्वारा लगाए जा रहे इन आरोपों का मुंहतोड़ जवाब दे पाएंगे.
3 अक्टूबर को खुलेगा अखिलेश यादव का सरप्राइज पत्ता
फिलहाल तीसरे प्रत्याशी की रेस में सलीम शेरवानी का नाम सबसे आगे चल रहा है. लेकिन अखिलेश यादव की कार्यशैली को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि ऊंट किस करवट बैठेगा. वे अक्सर ऐन मौके पर नए और चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं. अब सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरें 3 अक्टूबर पर टिकी हैं. देखना होगा कि अखिलेश अपने पुराने वादे को निभाते हुए सलीम शेरवानी के नाम पर मुहर लगाते हैं या फिर किसी नए चेहरे को सामने लाकर एक बार फिर सबको हैरान कर देते हैं.
