तेलंगाना में एक बुजुर्ग की भावनाओं के साथ खेलकर उनसे ठगी कर ली गई. बुजुर्ग का बेटा बनकर ठगों ने इस घटना को अंजाम दिया. जानकारी के मुताबिक़ बुजुर्ग की बेटा करीब 24 साल पहले घर छोड़कर चला गया था.
तेलंगाना के इब्राहिमपटनम से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहाँ एक बुजुर्ग पिता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ और धोखाधड़ी की गई. आपको बता दें कि यहां दो ठगों ने 24 वर्षों से गायब बेटे का नाटक रचकर एक बुजुर्ग को ठगी का शिकार बना लिया. जानकारी के मुताबिक सीतारामपेट निवासी पिशाती लक्ष्मा रेड्डी का इकलौता बेटा श्रीनिवास रेड्डी करीब 24 साल पहले पारिवारिक अनबन के कारण घर छोड़कर चला गया था. पिता ने उसकी बहुत तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला.
बेटा बनाकर कराई मुलाकात
बुजुर्ग पिता के इस दर्द का फायदा उठाने के लिए मोहन रेड्डी नाम के व्यक्ति ने यदैया नाम के शख्स को साधु के वेश में तैयार किया. बताया जा रहा है कि 20 सितंबर को चेरुवुगट्टू मंदिर में लक्ष्मा रेड्डी को बुलाकर यदैया का परिचय उनके खोए हुए बेटे श्रीनिवास के रूप में कराया गया. यदैया ने फोन पर भी बेटा बनकर बात की, जिससे बुजुर्ग को पूरा यकीन हो गया.
बुजुर्ग ने दे दिए 10 हजार रूपये
विश्वास जीतने के बाद मोहन रेड्डी ने बुजुर्ग से कहा कि बेटे को साधु के वेश से बाहर निकालने और पूजा-पाठ के लिए पैसों की जरूरत है. बेटे को वापस पाने की खुशी में बुजुर्ग ने बिना सोचे-समझे करीब 10,000 रुपये दे दिए.
परिवार के बारे में नहीं दे पाया जवाब
हालांकि कुछ दिनों बाद साधु बेटे के व्यवहार पर बुजुर्ग को शक हुआ. 27 सितंबर को जब उन्होंने उससे परिवार के पुराने दिनों के बारे में सवाल पूछे, तो वह जवाब नहीं दे पाया. कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने मान लिया कि वह श्रीनिवास नहीं है, बल्कि सिर्फ पैसों के लिए बेटे का नाटक कर रहा था. इसके बाद पीड़ित बुजुर्ग की शिकायत पर इब्राहिमपटनम पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
