Donald Trump SIF Announcement: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में ‘सुपर इंटेलिजेंस फोर्स’ (SIF) बनाने का ऐलान किया है. इस स्पेशल टीम का मकसद तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका को दुनिया में नंबर 1 बनाए रखना है.

Donald Trump SIF Announcement: दुनिया भर में आधुनिक तकनीक की होड़ मची हुई है. इस रेस में अमेरिका को सबसे आगे रखने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाया है. ट्रंप ने देश में ‘सुपर इंटेलिजेंस फोर्स’ यानी एसआईएफ बनाने की घोषणा की है. इस फैसले की नींव व्हाइट हाउस में हुई एक अहम बैठक के बाद रखी गई. इस खास बैठक में दुनिया की नामी-गिरामी टेक कंपनियों के बड़े-बड़े दिग्गजों ने शिरकत की थी. ट्रंप का मानना है कि नई तकनीक के मामले में अमेरिका को पूरी दुनिया में पहले पायदान पर रहना ही होगा.
अमेरिकी सरकार के सभी विभागों को एक मंच पर लाने का मकसद
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर इस फैसले की पूरी जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि इस नई फोर्स का मुख्य काम अमेरिकी सरकार के अलग-अलग विभागों की कोशिशों को आपस में जोड़ना है. सरकार के सभी अंग एक दिशा में मिलकर काम करेंगे. इससे नई तकनीक से जुड़े कामों में तेजी आएगी और बेहतर तालमेल बनेगा. इस रणनीति का एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाले समय में सुपर इंटेलिजेंस के हर बड़े मोर्चे पर अमेरिका का ही दबदबा कायम रहे.
औद्योगिक और इंटरनेट क्रांति से भी बड़ा बदलाव लाने का दावा
राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक यह नया दौर इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव साबित होने वाला है. उन्होंने इसकी तुलना पुरानी औद्योगिक क्रांति और इंटरनेट क्रांति से की है. ट्रंप का कहना है कि यह दौर उन दोनों क्रांतियों से कहीं ज्यादा ताकतवर और असरदार होगा. यह स्पेशल फोर्स केवल तकनीक पर ही काम नहीं करेगी. इसका काम यह देखना भी होगा कि इस बदलाव से देश के आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हो. इसके साथ ही लोगों के रोजमर्रा के जीवन स्तर को पहले से बेहतर बनाया जा सके.
आम जनता और बड़ी टेक कंपनियों के बीच बनेगी मजबूत कड़ी
यह नई बनी स्पेशल फोर्स एक बड़े पुल की तरह काम करने वाली है. यह सरकार को देश की आम जनता, सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं से जोड़ेगी. इसके अलावा बुनियादी सुविधाएं देने वाली कंपनियों और दिग्गज टेक घरानों के बीच भी यही फोर्स तालमेल बिठाएगी. इन सभी पक्षों को एक साथ लाने से देश में तकनीक का इस्तेमाल सही और सुरक्षित तरीके से हो सकेगा. इससे आम लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा और समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा जा सकेगा.
देश के इन चार दिग्गज अधिकारियों के हाथों में होगी कमान
इस स्पेशल फोर्स को चलाने की जिम्मेदारी अमेरिका के कई बड़े अधिकारियों को सौंपी गई है. इस टीम की अगुवाई नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जे क्लेटन और फेडरल ट्रेड कमीशन के चेयरमैन एंड्रयू फर्गुसन मिलकर करेंगे. उनके साथ युद्ध विभाग के रिसर्च एंड इंजीनियरिंग मामलों के अवर सचिव और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर एमिल माइकल भी शामिल रहेंगे. ऑफिस ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट के डायरेक्टर स्कॉट कुपोर को भी इस खास टीम का हिस्सा बनाया गया है. ये अनुभवी अधिकारी मिलकर पूरे मिशन को आगे बढ़ाएंगे.
सीधे राष्ट्रपति और व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ को सौंपेंगे रिपोर्ट
यह पूरी स्पेशल टीम किसी भी काम में देरी किए बिना सीधे सर्वोच्च स्तर पर रिपोर्ट करेगी. टीम की सीधी जवाबदेही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स के प्रति होगी. राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बड़े और दूरगामी फैसले में देश के सभी नागरिक संस्थाओं और टेक दिग्गजों से सहयोग की अपील की है. अमेरिका का यह कदम दिखाता है कि आने वाले समय में दुनिया भर में सुपर इंटेलिजेंस की होड़ और ज्यादा तेज होने वाली है.
