rafale fighter jet deal india: भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए भारत फ्रांस से 3.25 लाख करोड़ रुपये में 114 और नए राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी कर रहा है.

rafale fighter jet deal india: भारतीय वायुसेना अपनी ताकत बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. भारत फ्रांस से 114 और नए राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी में है. फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन ने इस करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की डील के लिए अपना प्रस्ताव भारत को सौंप दिया है. मई में भारत ने इस खरीद के लिए इच्छा जताई थी, जिसके जवाब में यह प्रपोजल आया है. इसमें सबसे खास बात यह है कि इस सौदे के तहत तकनीक का ट्रांसफर होगा और विमान भारत में ही बनाए जाएंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई वाली काउंसिल ने इसे पहले ही हरी झंडी दे दी थी. अब फाइनल मुहर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से लगनी बाकी है.
क्यों पड़ी 114 नए विमानों की जरूरत
भारतीय वायुसेना के पास इस समय लड़ाकू विमानों की काफी कमी है. मिग-21 जैसे पुराने विमान अब धीरे-धीरे रिटायर हो रहे हैं. वहीं देश में बनने वाले तेजस Mk-2 और नए फाइटर जेट्स को तैयार होने में अभी कुछ साल लगेंगे. इसी बीच खाली जगह को भरने के लिए राफेल को सबसे बेहतर विकल्प माना गया है. नए 114 राफेल आने से भारत की आसमानी ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा. यह नया बेड़ा देश की सुरक्षा को हर तरह से मजबूत बनाए रखेगा.
मेक इन इंडिया के तहत बनेंगे फाइटर जेट
फ्रांस से आए प्रस्ताव के तहत केवल 18 राफेल ही बने-बनाए भारत आएंगे. बाकी बचे 96 लड़ाकू विमानों को भारत में ही तैयार किया जाएगा. इसका मतलब यह है कि 80 प्रतिशत से ज्यादा जेट देश की धरती पर ही असेंबल होंगे. शुरुआत में इसमें 30 प्रतिशत सामान भारत का लगेगा, जो बाद में बढ़कर 60 प्रतिशत से ज्यादा हो जाएगा. इससे देश में रक्षा विनिर्माण को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे.
भारत के लिए कितना खास है राफेल
राफेल दो इंजन वाला बहुत ही आधुनिक और खतरनाक फाइटर जेट है. यह एक ही उड़ान में कई तरह के काम कर सकता है. यह दुश्मन के विमानों को गिरा सकता है, जमीन पर सटीक हमला कर सकता है और जासूसी भी कर सकता है. भारत को एक साथ दो मोर्चों यानी चीन और पाकिस्तान की तरफ ध्यान देना पड़ता है. इसके साथ ही समंदर में भी चौकसी रखनी होती है. ऐसे में राफेल का यह मल्टीरोल अंदाज भारत के लिए सबसे मुफीद साबित होता है.
आधुनिक तकनीकों से लैस है यह विमान
राफेल लड़ाकू विमान में दुनिया के सबसे एडवांस रडार और सेंसर लगे हुए हैं. इसमें दुश्मन की रडार को चकमा देने की बेहतरीन इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है. यह विमान दूसरे जेट्स के साथ मिलकर हमला करने में भी सक्षम है. इसकी निशाना लगाने की क्षमता बेहद सटीक है और इसे आने वाले समय के हिसाब से आसानी से अपग्रेड भी किया जा सकता है. इन्हीं खूबियों की वजह से यह दुनिया के सबसे घातक विमानों में गिना जाता है.
वायुसेना की मौजूदा ताकत और भविष्य
अभी भारतीय वायुसेना के पास 36 राफेल जेट मौजूद हैं. इन्हें अंबाला और हासीमारा के एयरबेस पर तैनात किया गया है. हालांकि इतने कम राफेल दोनों सरहदों की सुरक्षा के लिए नाकाफी थे. अब जब पुराने लड़ाकू विमान रिटायर हो रहे हैं, तो 114 नए राफेल का आना बेहद जरूरी हो गया था. यह नई डील लागू होते ही भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी, जिस पर चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों की भी कड़ी नजर बनी हुई है.
