Atiq Ahmed gang PDA action: प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के रिश्तेदारों और करीबियों पर पुलिस व PDA ने बड़ी कार्रवाई की है. इमरान जई परिवार पर गैंगस्टर एक्ट दर्ज कर 20 करोड़ की 18 बीघा अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चला दिया गया.

Atiq Ahmed gang PDA action: संगम नगरी प्रयागराज में दिवंगत माफिया अतीक अहमद के नेटवर्क और उसके आर्थिक तंत्र पर पुलिस का चाबुक एक बार फिर चला है. शुक्रवार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) और स्थानीय पुलिस की टीम ने अतीक के करीबियों और रिश्तेदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की. प्रशासन ने एक ही दिन में अतीक के करीबियों पर दोहरी सर्जिकल स्ट्राइक की. एक तरफ रिश्तेदारों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. वहीं दूसरी तरफ उनके जरिए बनाए गए करोड़ों रुपये के अवैध साम्राज्य पर बुलडोजर चला दिया गया. आइए जानते हैं प्रयागराज में हुई इस बड़ी कार्रवाई की पूरी कहानी.
पहले गैंगस्टर एक्ट की FIR और फिर एक्शन में आया बुलडोजर
शुक्रवार सुबह पुलिस ने सबसे पहले अतीक अहमद के रिश्तेदार और चर्चित भू-माफिया इमरान जई पर शिकंजा कसा. पुलिस ने इमरान जई, उसके भाई जीशान उर्फ जानू, कामरान और मां जाहिदा बेगम के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में एफआईआर दर्ज की. मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस और पीडीए की टीम भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंच गई. प्रशासनिक टीम ने कालिंदीपुरम इलाके में अतीक के करीबी बिल्डर खालिद जफर के दफ्तर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. इसके बाद टीम भीटी इलाके की ओर बढ़ गई, जहां खालिद जफर ने बिना ले-आउट पास कराए 10 बीघे में अवैध प्लाटिंग कर रखी थी.
18 बीघे में फैला अवैध साम्राज्य हुआ पूरी तरह जमींदोज
खालिद जफर के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद बुलडोजर का रुख अतीक के रिश्तेदार इमरान जई के कब्जे वाली जमीन की तरफ हुआ. भीटी इलाके में ही इमरान जई, जीशान, कामरान और मोहम्मद नूंह ने मिलकर करीब 8 बीघे में अवैध प्लाटिंग कर रखी थी. पीडीए के बुलडोजर ने कुछ ही घंटों में इस पूरी अवैध प्लाटिंग को मलबे में तब्दील कर दिया. अधिकारियों के मुताबिक दोनों जगहों को मिलाकर कुल 18 बीघे जमीन पर फैली अवैध निर्माण और बाउंड्री को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया गया है.
ध्वस्त की गई बेनामी संपत्ति की कीमत 20 करोड़ से अधिक
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को जिस अवैध जमीन और निर्माण को ध्वस्त किया गया, उसकी अनुमानित बाजार कीमत 20 करोड़ रुपये से भी अधिक है. यह पूरी संपत्ति अवैध कमाई से बनाई गई थी और इसे बेनामी तरीके से कब्जाया गया था. माफिया अतीक अहमद के गिरोह को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए इस तरह की अवैध प्लाटिंग का इस्तेमाल किया जा रहा था. पुलिस अब अतीक गैंग की अन्य बेनामी संपत्तियों की सूची भी तैयार कर रही है, ताकि उन पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सके.
अतीक गैंग के गुर्गों और शरणदाताओं में मचा हड़कंप
प्रयागराज में हुई इस अचानक और आक्रामक कार्रवाई से अतीक अहमद गैंग के बचे-खुचे गुर्गों में हड़कंप मच गया है. जो लोग माफिया को आर्थिक या आपराधिक रूप से मदद पहुंचा रहे थे, वे अब पुलिस की रडार पर हैं. स्थानीय पुलिस और पीडीए अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी. माफिया के अवैध नेटवर्क और आर्थिक रीढ़ को पूरी तरह से तोड़े जाने तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा.
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जारी रहेगा बुलडोजर एक्शन
उत्तर प्रदेश शासन की ओर से भू-माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की गई है. प्रयागराज प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि कानून से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा. अतीक गैंग के जरिए अवैध रूप से कब्जाई गई सरकारी या निजी जमीनों को खाली कराने का काम आगे भी चलता रहेगा. जिला प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे बिना नक्शा पास कराए किसी भी अवैध प्लाटिंग में अपनी गाढ़ी कमाई न लगाएं.
