लखनऊ में ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है. 28 फरवरी को ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण का उद्घाटन होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संयुक्त रूप से इसका लोकार्पण करेंगे. इस महत्वाकांक्षी योजना में आइआइएम रोड से डालीगंज, हनुमान सेतु, निशातगंज संकल्प वाटिका होते हुए समतामूलक तक का मार्ग निर्माण कार्य पूरा हो गया है. प्राधिकरण के अधिकारियों ने लोकार्पण समारोह की तैयारियां तेज कर दिया है.
निशातगंज में छह-लेन के आधुनिक पुल
करीब 9 किलोमीटर लंबे इस फेज-2 की शुरुआत पक्का पुल से होकर समतामूलक चौक, निशातगंज होते हुए पिपराघाट तक होगी. इस परियोजना के तहत कुकरैल और निशातगंज में छह-लेन के आधुनिक पुल बनाए गए हैं. इसके शुरू होने से इस रूट पर लगने वाले जाम में बड़ी कमी आने की उम्मीद है. दूसरे चरण में पक्का पुल से समतामूलक चौक तक बंधा रोड, 6-लेन ब्रिज, फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया गया है.
जाम से मिलेगी राहत
समतामूलक चौक, निशातगंज और हनुमान सेतु पर तीन नई रोटरी बनाई गई हैं, जिससे ट्रैफिक का दबाव संतुलित रहेगा. परियोजना के शुरू होने से शहर के उत्तरी और मध्य हिस्सों के बीच यातायात सुगम होगा और रोज लगने वाले जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है. ग्रीन कॉरिडोर शुरू होने के बाद डालीगंज से गोमतीनगर तक का सफर महज 5 से 7 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. अनुमान है कि रोजाना एक लाख से अधिक लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.
इन इलाकों तक पहुंचना आसान
बसंतकुंज, दुबग्गा, पक्का पुल, डालीगंज, मेडिकल कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय, हनुमान सेतु, कैसरबाग, हजरतगंज, निशातगंज, अशोक मार्ग, समतामूलक चौक, गोमतीनगर और 1090 चौराहा अब बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ जाएंगे. ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे फेज के शुरू होने से राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था को नई रफ्तार मिलने जा रही है.
किसे मिलेगा फायदा?
गोमतीनगर/हजरतगंजपुराने शहर (चौक, डालीगंज) जाने के लिए अब भीड़भाड़ वाले रास्तों से नहीं गुजरना होगा. स्टूडेंट /मरीज लखनऊ विश्वविद्यालय और केजीएमयू जाने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी. सिग्नल-फ्री रास्ता होने के कारण वाहनों का ईंधन बचेगा और प्रदूषण में कमी आएगी.
