देश में कई युवा का सपना IAS या IPS बनने का होता है. कई लोग इन पदों पर कार्य करके देश के लिए सेवा करना चाहते हैं. हालांकि, यहां तक पहुंचने के लिए काफी मेहनत चाहिए होती है. बहुत ही कम लोग इसकी तैयारी में एंड तक लग्न से टिके होते हैं. हालांकि, कई लोगों को इन पदों पर जाने का केवल एक ही रास्ता पता होता है. वह सोचते हैं कि सिविल सेवा परीक्षा यानी UPSC देकर ही आगे बढ़ सकते हैं. आज हम आपको लेकिन यहां तक पहुंचने का एक और रास्ता बताने वाले है. वैसे तो यह रास्ता इतना आसान नहीं होता है लेकिन कई नियमों और कानूनी तौर पर यहां तक व्यक्ति आसानी से पहुंच सकता है.
आम तौर पर लोगों को केवल इसका एक ही रास्ता पता है. इसमें आपको पहले प्रिलिम्स की परीक्षा को पास करना होगा. उसके बाद मेन्स की परीक्षा और फिर अंत में इंटरव्यू देना होता है. कई बच्चे इस परीक्षा में शामिल होते हैं लेकिन बहुत ही कम बच्चे इस परीक्षा को देने में सफल हो पाते हैं.
वह व्यक्ति जो इन तीनों चरणों में पास हो जाता है. उसको फिर मसूरी में स्थित LBSNAA भेजा जाता है. ताकि वह ट्रेनिंग ले सके. ट्रेनिंग के पूरी होने के बाद इनको देश में विभिन्न राज्यों में काम करने के लिए भेजा जाता है. यह तो वह चरण हुआ, जो लोगों को पहले से पता है लेकिन आज हम आपको एक और चरण के बारे में बताने जा रहे हैं.
IAS बनने का यह रूट बहुत कम ही कम लोगों को पता है. दरअसल, इसमें स्टेट सिविल सर्विस के अधिकारियों के पास भी प्रमोशन के जरिए IAS बनने का चांस होता है. इसको PCS से IAS के प्रमोशन का रूट कहा जाता है.
मध्य प्रदेश में SAS, उत्तर प्रदेश में UP PCS और अन्य राज्यों में भी अन्य तरह की प्रशासनिक पद होते हैं. इन सेवाओं में कार्यरत व्यक्ति शुरु में SDM बाद में डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत होते हैं. यह अलग-अलग जिलों में काम करके काम में अनुभव इकट्ठा करते हैं.
कैसे बनते हैं IAS
इसमें पहले 10 से 12 साल की सेवा, राज्य भर से अनुभव होना चाहिए. उसके बाद इनका प्रमोशन के लिए आगे विचार करा जाता है. प्रमोशन के लिए कई नियम एवं शर्तों को पालन करना जरूरी होता है. PCS से IAS बनने के लिए भी कई बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है.
इसमें सबसे पहले अधिकारी का अपने कार्यकाल में प्रदर्शन अच्छा होना चाहिए. उसके बाद सेवा का रिकॉर्ड अच्छा होना चाहिए. साथ IAS में खाली पद होना अनिवार्य है. राज्य सरकार की सिफारिश भी जरूरी होती हैं. इन सभी चीजों की राज्य सचिव या वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जांच की जाती है.
ये भी पढ़ें: ईरान का अब्राहम लिंकन पर हमले का दावा! अमेरिका ने कहा खतरे को कर दिया खत्म, IRGC बोला- एयरक्राफ्ट को पंगु कर दिया
