LPU Jalandhar protest news: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में रेप की अफवाह के बाद छात्रों का भारी बवाल देखने को मिला. पुलिस गाड़ियों में आगजनी और हाईवे जाम के बाद यूनिवर्सिटी 10 दिनों के लिए बंद कर दी गई है और परीक्षाएं भी टाल दी गई हैं.

LPU Jalandhar protest news: पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में एक छात्रा के साथ बलात्कार की अफवाह फैलने के बाद छात्रों का गुस्सा बुरी तरह फूट पड़ा है. शनिवार से शुरू हुआ यह उग्र प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है. आक्रोशित छात्रों ने जालंधर के पास नेशनल हाईवे जाम कर दिया है, जिससे पूरे इलाके में भारी तनाव बन गया है. स्थिति को संभालने पहुंची पुलिस टीम के साथ प्रदर्शनकारियों की तीखी झड़प हो गई. गुस्साई भीड़ ने पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ की और पथराव शुरू कर दिया. स्थिति बेकाबू होते देख यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 28 सितंबर 2026 से अगले 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित कर दी हैं.
पथराव में पुलिसकर्मी घायल, 3 गाड़ियों को फूंका
जालंधर के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी हिंसक हो गया था. छात्रों और उपद्रवियों ने पुलिस बल पर जमकर पत्थर बरसाए, जिसमें कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं. इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की तीन गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. नेशनल हाईवे पर स्थिति को सामान्य करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस प्रशासन लगातार छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है.
10 दिन के लिए यूनिवर्सिटी बंद, मिडटर्म परीक्षाएं टलीं
कैंपस में बढ़ते बवाल को देखते हुए LPU प्रबंधन ने सख्त कदम उठाया है. यूनिवर्सिटी ने 28 सितंबर 2026 से 10 दिनों के लिए नियमित पढ़ाई पूरी तरह बंद कर दी है. इसके अलावा होने वाली मिडटर्म परीक्षाओं को भी अगली सूचना तक टाल दिया गया है. संशोधित परीक्षा शेड्यूल बाद में यूएमएस (UMS) पोर्टल के माध्यम से जारी होगा. प्रशासन ने कहा है कि छात्र चाहें तो इन 10 दिनों के लिए अपने घर जा सकते हैं. हालांकि, हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को कमरे के भीतर ही रहने की सलाह दी गई है.
बाहरी तत्वों पर तोड़फोड़ का आरोप, बातचीत बेनतीजा
हाईवे पर पुलिस और LPU प्रबंधन ने छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत करने की कोशिश की. अधिकारियों ने एफआईआर (FIR) की कॉपी और गठित एसआईटी (SIT) की जानकारी साझा की, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही. प्रदर्शनकारी छात्र अब अपने ही प्रतिनिधियों की बात मानने से इनकार कर रहे हैं. वहीं, कुछ छात्रों का कहना है कि रात में कुछ बाहरी तत्व कैंपस में घुसे और उन्होंने गाड़ियों में आग लगाई व संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. छात्रों का दावा है कि वे केवल निष्पक्ष जांच और जवाबदेही चाहते हैं.
डीन और रजिस्ट्रार ने अफवाहों को बताया निराधार
छात्र मामलों के डीन सौरभ लखनपाल ने कहा कि यूनिवर्सिटी हर तरह की पारदर्शी जांच के लिए तैयार है. उन्होंने छात्रों को सीसीटीवी (CCTV) फुटेज दिखाने और जांच में शामिल करने का भरोसा दिया है. वहीं, LPU की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने सोशल मीडिया पर चल रही रेप की खबरों को पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत बताया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ असामाजिक तत्व फर्जी खबरें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं. उन्होंने लोगों से ऐसी अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.
पुलिस जांच जारी, शांति बहाली की कोशिश
फिलहाल पुलिस और जिला प्रशासन पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जांच की जा रही है. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कैंपस के आसपास भारी पुलिस तैनात है. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कानून हाथ में लेने वाले और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
