ankita bhandari murder case: इस स्टोरी में जानिए 2022 के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राहुल गांधी द्वारा बीजेपी सरकार पर ‘VIP’ आरोपी को बचाने और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण देने के लगाए गए गंभीर आरोपों के बारे में.

ankita bhandari murder case: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 2022 के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की सत्ताधारी पार्टी में अपराधियों और बलात्कारियों को बचाने की एक ‘विकृत मानसिकता’ हावी है। उन्होंने कहा कि इस जघन्य वारदात को चार साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवार आज भी इंसाफ पाने की उम्मीद में भटक रहा है।
‘VIP’ गेस्ट की मांग ठुकराने पर हुई थी हत्या
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित वनतारा रिसॉर्ट में 19 साल की अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्यरत थी। आरोप है कि रिसॉर्ट में आए एक ‘VIP’ गेस्ट की शर्मनाक और अनैतिक मांग को मानने से अंकिता ने साफ इनकार कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने अंकिता को चिल्ला नहर में डुबोकर मार डाला था। बाद में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी अंकिता के शरीर पर चोट के निशान और डूबने से मौत की पुष्टि हुई थी। इस घटना के बाद पूरे उत्तराखंड में जन-आक्रोश फूट पड़ा था और सड़कों पर भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे।
सबूत मिटाने और कमरे को गिराने का बड़ा आरोप
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में इस बात को रेखांकित किया कि मामले की गहन जांच शुरू होने से पहले ही रिसॉर्ट में अंकिता के कमरे को बुलडोजर से ढहा दिया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच पूरी होने से पहले कमरे को तोड़ना अपने आप में बेहद संदिग्ध और नीयत पर सवाल खड़े करने वाला है। कांग्रेस नेता के अनुसार, महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने की नीयत से ही उस स्थान को आनन-फानन में तुड़वाया गया था। पीड़ित परिवार की कानूनी लड़ाई में सबूतों से छेड़छाड़ की बात लगातार उठती रही है। गांधी ने कहा कि यह कार्रवाई निष्पक्ष जांच की राह में सबसे बड़ी रुकावट साबित हुई।
‘बीजेपी और RSS से जुड़े VIP को बचा रही सरकार’
राहुल गांधी ने राज्य सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मामले का सबसे दुखद पहलू यह है कि आज तक उस ‘VIP’ का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उस खास व्यक्ति को सिर्फ इसलिए बचा रही है क्योंकि वह बीजेपी और आरएसएस का एक प्रमुख चेहरा है। राहुल के मुताबिक, सत्ता का इस्तेमाल पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय गुनहगारों पर पर्दा डालने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण देना और दोषी पाए गए लोगों का स्वागत करना बीजेपी की कार्यशैली बन चुका है।
अंकिता के माता-पिता से मुलाकात और न्याय का वादा
राहुल गांधी ने खुलासा किया कि दो दिन पहले ही उन्होंने अंकिता भंडारी के माता-पिता से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान पीड़ित माता-पिता ने अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाते हुए अपनी पीड़ा साझा की। गांधी ने परिवार को ढांढस बंधाया और भरोसा दिया कि इस लड़ाई में वे और उनकी पार्टी उनके साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अपनी निर्दोष बच्ची को खोने का जो दर्द उस परिवार ने सहा है, उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। लेकिन जब तक दोषियों और उन्हें संरक्षण देने वाले VIP को सजा नहीं मिलती, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
महिला सुरक्षा और सामाजिक मानसिकता पर उठे सवाल
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने देश में महिलाओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत ऐसे माहौल में कभी आगे नहीं बढ़ सकता। जब तक महिलाओं को पुरुषों के इस्तेमाल की वस्तु समझने वाली घटिया और अमानवीय सोच खत्म नहीं होगी, तब तक वास्तविक प्रगति असंभव है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुनिया में सबसे शर्मनाक वे लोग हैं जो बलात्कारियों और हत्यारों का बचाव करते हैं। भारत तभी सही मायने में सशक्त बनेगा जब देश की बेटियां बिना किसी डर के सम्मान, सुरक्षा, समानता और न्याय के साथ आगे बढ़ेंगी।
