रायपुर में ज़मीन के आवंटन को लेकर राजनीति तेज हो गई है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी के आदिवासी नेता के रसूख के दम पर RDA ने ज़्यादा मूल्य की जमीन आवंटित कर दी.
छत्तीसगढ़ में राजधानी रायपुर के रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की नगर विकास योजना के तहत कचना में जमीन के आवंटन को लेकर सियासत गरमा गई है. कांग्रेस ने राज्य के वन मंत्री और आदिवासी नेता केदार कश्यप की पत्नी के नाम से जुड़ी कंपनी को जमीन आवंटित किए जाने पर सवाल उठाए हैं. हालांकि बीजेपी ने आरोपों को खारिज करते हुए आवंटन को नियमों के मुताबिक बताया है.
कांग्रेस ने साधा निशाना
जानकारी के मुताबिक कचना में RDA की नगर विकास योजना के तहत जमीन के आवंटन को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी सरकार और वन मंत्री केदार कश्यप पर निशाना साधा है. कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के चेयरमैन राकेश गुप्ता का आरोप है कि 1.33 एकड़ जमीन के बदले 23 हजार 327 वर्गफीट जमीन राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित की गई है, जो मंत्री केदार कश्यप की पत्नी के नाम से जुड़ी कंपनी है.
राकेश गुप्ता ने लगाए आरोप
इस दौरान कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आवंटित जमीन चौराहे के पास 150 फीट चौड़ी सड़क से लगी हुई है और इसकी कीमत करोड़ों में है. राकेश गुप्ता के मुताबिक मंत्री के रसूख के चलते कम मूल्य की जमीन के बदले ज्यादा मूल्य वाली जमीन का आवंटन किया गया. आदिवासी मंत्री पर करोड़ों रुपये के कीमती कमर्शियल प्लॉट के लेन-देन के लिए सरकारी रिकॉर्ड में जाति “सामान्य” बताकर यह जमीन खरीदने का आरोप है.
बीजेपी ने दिया जवाब
हालांकि कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब दिया. बीजेपी प्रवक्ता शिवशंकर पांडे और रायपुर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जेपी शर्मा ने मामले में जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस वन मंत्री केदार कश्यप के ऊपर झूठे आरोप लगा रही है. बीजेपी के मुताबिक नगर विकास योजना में अधिग्रहित जमीन का 60 फीसदी हिस्सा RDA के पास रखा गया और 40 फीसदी हिस्सा भू-स्वामियों को दिया गया.
बीजेपी का कहना है कि योजना के नियमों के तहत बड़े भूखंडों को मुख्य मार्ग से लगे हिस्से में आवंटित किया गया है. बीजेपी ने कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा की जमीन का भी हवाला देते हुए दावा किया कि उनकी 80 हजार वर्गफीट से अधिक जमीन मुख्य सड़क के किनारे आवंटित हुई है.
