बिहार के सारण जिले में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंध टूटने के कारण दहशत का माहौल बन गया है. यहां बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. मकेर प्रखंड में एक मकान तेज बहाव में बह गया. जिले में करीब 4200 परिवार इससे प्रभावित हैं
बिहार के सारण जिले में बवाल शुरू हो गया है. यहां बाढ़ ने अब तबाही का खौफनाक मंजर दिखाना शुरू कर दिया है. जिले में मुख्य तटबंध टूटने से हाहाकार मचा हुआ है. जानकारी के मुताबिक मकेर प्रखंड में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच एक मकान देखते ही देखते पानी में बह गया. मकान के बहने का की घटना सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों के मुताबिक पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है.
मौके पर मौजूद प्रशासन
बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ने के कारण कई परिवारों के सामने घर और सामान बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है. हालांकि प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं. प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं. सारण में बाढ़ की स्थिति पर जिला प्रशासन सतत निगरानी कर रहा है. सारण के डीएम वैभव श्रीवास्तव और एसपी रोशन कुमार ने कटाव वाली जगह का दौरा किया.
NDRF और SDRF की टीमें भी मौजूद
प्रशासन ने जल्द से जल्द कटाव को भरने का निर्देश जारी किया है. जानकारी के मुताबिक़ सारण में जिले के 18 पंचायत के 48 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. इन क्षेत्रों की अनुमानित प्रभावित आबादी करीब 24725 है. बाढ़ के कारण लगभग 4220 परिवार प्रभावित हैं. आपको बता दे कि अभी तक प्रभावित क्षेत्रों में पांच चिकित्सा शिविर, 33 नाव और एक एंबुलेंस संचालित की जा रही है. इसके अतिरिक्त तीन एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी उपलब्ध हैं.
पॉलीथिन सीट का वितरण
जानकारी के मुताबिक़ प्रभावित परिवारों के बीच करीब 950 पॉलिथीन सीट का वितरण किया गया है. 14 सामुदायिक रसोई से 5000 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है. जिला प्रशासन की ओर से लगातार राहत और बचाव कर किया जा रहा है. अशंक जाए जा रही है कि परसा, दरियापुर और सोनपुर प्रखंड के कई इलाकों पर भी बाढ़ का गंभीर असर पड़ सकता है.
