trump iran conflict victory claim: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को जल्द खत्म करने और अमेरिका की जीत का दावा करते हुए तेहरान को बातचीत की पहल करने का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की शर्त रखी है और इस मुद्दे पर नाटो व ब्रिटेन के सहयोग की कमी पर भी कड़ी नाराजगी जताई है.

trump iran conflict victory claim: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ जो टकराव चल रहा है वह ज्यादा लंबा नहीं चलेगा. ट्रंप के मुताबिक यह संघर्ष जल्द खत्म होगा और इसमें अमेरिका की जीत होगी. उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है. दरअसल इस समय दोनों देशों के बीच तनाव भी है और बातचीत की कोशिशें भी चल रही हैं. इसी वजह से दुनिया की नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं.
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi पाकिस्तान की राजधानी Islamabad पहुंचे हैं. यहां उनकी मुलाकात पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir से हुई. बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और ईरान-अमेरिका तनाव को लेकर चर्चा हुई. इससे पहले अराघची शनिवार को भी इस्लामाबाद आए थे. वहां से वे Muscat चले गए थे. इसी बात को लेकर ट्रंप नाराज नजर आए. उन्होंने कहा कि वह अपने प्रतिनिधियों को इतनी लंबी यात्रा पर भेजने के पक्ष में नहीं हैं. उनका कहना था कि अगर बातचीत करनी है तो फोन पर भी की जा सकती है.
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान बातचीत करना चाहता है तो उसे खुद पहल करनी होगी. यानी अमेरिका ने बातचीत का रास्ता बंद नहीं किया है. लेकिन पहली कॉल ईरान को करनी होगी. इसे कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के अंदर अलग-अलग विचार रखने वाले लोग हैं. उनके मुताबिक कुछ लोग समझदारी से फैसले लेना चाहते हैं. वहीं कुछ लोग बातचीत के पक्ष में नहीं हैं. इससे यह संकेत मिलता है कि ईरान के भीतर भी इस मुद्दे पर मतभेद मौजूद हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी कड़ा रुख दिखाया. उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका ईरान की परमाणु गतिविधियों को पूरी तरह खत्म करवाना चाहता है. ट्रंप के अनुसार किसी भी समझौते में यह मुद्दा सबसे अहम रहेगा. इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी देशों के सैन्य गठबंधन NATO पर भी नाराजगी जताई. ट्रंप का कहना था कि ईरान के मुद्दे पर नाटो ने अमेरिका का उतना साथ नहीं दिया जितनी उम्मीद थी. उन्होंने United Kingdom को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि संकट के समय मदद ही असली दोस्ती होती है.
दूसरी ओर ट्रंप ने China के बारे में अपेक्षाकृत नरम टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि उन्हें चीन से बहुत ज्यादा निराशा नहीं हुई है. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि हालात और खराब भी हो सकते थे. वहीं ताजा जानकारी के मुताबिक ईरान के विदेश मंत्री अराघची 24 घंटे के भीतर दूसरी बार इस्लामाबाद पहुंचे हैं. इससे पहले वे ओमान गए थे. इसके बाद वे Russia जाने की भी योजना बना रहे हैं. माना जा रहा है कि ईरान कई देशों से संपर्क कर इस संकट का समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है.
