west bengal election result 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर 15 साल पुराने टीएमसी शासन का अंत कर दिया है, जिस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे सनातन का अपमान करने वालों की हार बताया है. राजड़हाट-न्यू टाउन सीट पर बीजेपी के पीयूष कनोडिया ने महज 309 वोटों के अंतर से रोमांचक जीत दर्ज कर पार्टी की झोली में एक और बड़ी जीत डाली है.

west bengal election result 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राजनीतिक माहौल काफी गरम हो गया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस जीत पर जनता को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि यह परिणाम उन दलों के लिए कड़ा संदेश है जो जनता के हितों को नजरअंदाज करते हैं. योगी ने साफ कहा कि जो सरकारें विकास के संसाधनों का गलत इस्तेमाल करती हैं और अपराधियों को बढ़ावा देती हैं, उनका सत्ता में टिकना मुश्किल होता है. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सनातन परंपरा का अपमान करते हैं, जनता उन्हें सत्ता से बाहर कर देती है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बंगाल की जनता ने तृणमूल कांग्रेस को करारा जवाब दिया है. उन्होंने भरोसा जताया कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य तेजी से आगे बढ़ेगा. उन्होंने “सोनार बांग्ला” बनाने की बात कही. योगी के अनुसार अच्छी नीतियां और साफ नीयत वाली सरकार ही बेहतर परिणाम देती है. वहीं कमजोर शासन का नतीजा जनता को भुगतना पड़ता है. उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि 2017 के बाद वहां विकास की गति तेज हुई है.
इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है. 294 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने 207 सीटें जीत ली हैं. यह पार्टी का अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है. इसी के साथ तृणमूल कांग्रेस का 15 साल पुराना शासन खत्म हो गया है. ताजा नतीजों में बीजेपी का ग्राफ लगातार बढ़ता नजर आया है. वहीं तृणमूल कांग्रेस की सीटें घटकर करीब 80 तक सिमट गई हैं. इस बदलाव ने राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है.
राजड़हाट-न्यू टाउन सीट पर मुकाबला बेहद रोमांचक रहा. यहां बीजेपी के उम्मीदवार पीयूष कनोडिया ने तृणमूल कांग्रेस के तापस चटर्जी को बहुत कम अंतर से हराया. दोनों के बीच जीत का अंतर सिर्फ 309 वोटों का रहा. 18 राउंड की गिनती के बाद कनोडिया को 1,06,564 वोट मिले. वहीं चटर्जी को 1,06,255 वोट मिले. इस जीत के साथ बीजेपी को एक और सीट मिली और कुल संख्या बढ़ गई.
इस जीत के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियां और अमित शाह की रणनीति को बड़ा कारण माना जा रहा है. पार्टी का वोट प्रतिशत भी बढ़ा है. 2021 में जहां यह करीब 38 प्रतिशत था, वहीं अब बढ़कर लगभग 45 प्रतिशत हो गया है. दूसरी ओर तृणमूल का वोट प्रतिशत घटा है. उत्तर बंगाल और जंगलमहल जैसे क्षेत्रों में बीजेपी को खास बढ़त मिली है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं है. बल्कि राज्य की राजनीति और सोच में भी बड़ा बदलाव है. अब सभी की नजर नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री के नाम पर टिकी हुई है.
