लखनऊ न्यूज: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वकीलों के अवैध चैंबरों को हटाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद नगर निगम प्रशासन ने इस दिशा में कड़ी कार्रवाई शुरू की है, लेकिन इसे लेकर नगर निगम और वकीलों के बीच भारी विवाद खड़ा हो गया है. इस पूरे टकराव की एक विस्तृत रिपोर्ट नगर निगम आगामी 25 मई को अदालत के सामने पेश करेगा. अभियान के दौरान विरोध और हंगामे की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल होगी.
क्या है मामला ?
नगर निगम की इस रिपोर्ट में उन सभी चैंबरों की संख्या का जिक्र होगा जिन्हें अब तक गिराया जा चुका है. इसके साथ ही अभियान के दौरान वकीलों द्वारा किए गए भारी विरोध-प्रदर्शन, हंगामे और पथराव की घटनाओं को भी रिपोर्ट में प्रमुखता से शामिल किया जा रहा है. नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई के समय वकीलों के उग्र रुख और पूरी घटना की बाकायदा वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी कराई गई है, जिसे सबूत के तौर पर अदालत को सौंपा जाएगा. निगम का रुख साफ है कि उन्होंने जो भी कदम उठाए हैं, वे पूरी तरह हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के तहत थे, इसलिए हर एक सच को अदालत के सामने लाना बेहद जरूरी है.
पुलिस बल का सहारा
अभियान के दौरान कई मौकों पर हालात इस कदर बिगड़ गए कि नगर निगम की टीम को चारों तरफ से घेरने का प्रयास किया गया. अधिकारियों ने बताया कि कुछ स्थानों पर टीम के साथ तीखी धक्का-मुक्की हुई और निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, जिससे माहौल काफी संवेदनशील और तनावपूर्ण हो गया था.
कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में रखने और टीम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा. फिलहाल दोनों पक्षों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई है. जहां एक तरफ नगर निगम अदालत के आदेश का पालन करना अपनी मजबूरी और जिम्मेदारी बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ वकील इसे अपने हितों और आजीविका पर सीधा हमला मानकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.
फिर चलेगा बुलडोजर
अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि 25 मई को हाईकोर्ट में इस मामले की अहम सुनवाई होनी है और निगम अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अभी सारे अवैध निर्माण नहीं हटाए जा सके हैं और अदालत के आदेशानुसार यह कार्रवाई आगे भी रुकने वाली नहीं है. उन्होंने संकेत दिए कि 25 मई की सुनवाई से ठीक पहले एक बार फिर बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा.
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