tech companies excuse for layoffs: एनवीडिया के प्रमुख जेंसन हुआंग ने कहा है कि दुनिया भर में हो रही छंटनी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता जिम्मेदार नहीं है, बल्कि कंपनियां अपने गलत फैसलों और आर्थिक नुकसान को छिपाने के लिए इसका बहाना बना रही हैं. उन्होंने कर्मचारियों को AI से डरने के बजाय इसे सीखने की सलाह दी और कहा कि भविष्य में नौकरियां सिर्फ उन्हीं के पास सुरक्षित रहेंगी जो इस नई तकनीक का सही इस्तेमाल करना जानते होंगे.

tech companies excuse for layoffs: एनवीडिया के प्रमुख जेंसन हुआंग ने नौकरियों में हो रही छंटनी को लेकर बड़ा बयान दिया है. इन दिनों दुनिया भर की कई बड़ी तकनीकी कंपनियां कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं. ज्यादातर कंपनियां इसके पीछे कृत्रिम बुद्धिमत्ता को वजह बता रही हैं. लेकिन जेंसन हुआंग ने इस सोच को गलत बताया है. उनका कहना है कि नौकरी जाने के लिए तकनीक नहीं, बल्कि कुछ कंपनियों के फैसले जिम्मेदार हैं. उन्होंने साफ कहा कि जो अधिकारी हर छंटनी का ठीकरा कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर फोड़ रहे हैं, वे केवल बहाना बना रहे हैं.
सिंगापुर के एक चैनल को दिए साक्षात्कार में हुआंग ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता लोगों की नौकरियां खत्म नहीं करेगी. बल्कि आने वाले समय में नई तरह की नौकरियां पैदा होंगी. उन्होंने कहा कि लोगों को डराने के बजाय उन्हें नई तकनीक सीखने के लिए प्रेरित करना चाहिए. उनके मुताबिक कई कंपनियां अपनी आर्थिक परेशानियों या गलत फैसलों को छिपाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नाम इस्तेमाल कर रही हैं. उन्होंने ऐसे अधिकारियों को आलसी तक बता दिया. उनका कहना था कि बिना सही वजह के तकनीक को दोष देना जिम्मेदाराना रवैया नहीं है.
हुआंग ने यह भी कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक अभी नई है. ऐसे में यह कहना गलत है कि इसकी वजह से पिछले कई सालों से नौकरियां खत्म हो रही हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह तकनीक हाल ही में तेजी से उपयोग में आई है, तो कंपनियां दो-दो साल पहले की छंटनी को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से कैसे जोड़ सकती हैं. उनके मुताबिक कंपनियां असल वजह बताने के बजाय आसान रास्ता चुन रही हैं. इसलिए लोगों के मन में यह डर बैठ गया है कि मशीनें इंसानों की जगह ले लेंगी. उन्होंने कहा कि सच इससे बिल्कुल अलग है.
जेंसन हुआंग ने कर्मचारियों को सलाह दी कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता से डरने के बजाय उसे सीखें. उनका कहना था कि भविष्य में नौकरी उसी के पास रहेगी, जो नई तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करना जानता होगा. उन्होंने संगणक क्रांति का उदाहरण देते हुए कहा कि जब निजी संगणक आए थे, तब भी लोगों को यही डर था. लेकिन बाद में वही लोग आगे बढ़े जिन्होंने संगणक चलाना सीख लिया. कृत्रिम बुद्धिमत्ता भी उसी तरह काम करेगी. यह इंसानों को हटाने नहीं, बल्कि उनके काम को तेज और आसान बनाने के लिए आई है.
उन्होंने अपनी कंपनी एनवीडिया का उदाहरण भी दिया. हुआंग ने कहा कि उनकी कंपनी लगातार नई भर्तियां कर रही है और तेजी से कारोबार बढ़ा रही है. कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से काम की गति कई गुना बढ़ी है. हाल के महीनों में कई बड़ी कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या घटाई है और साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता में भारी निवेश किया है. इसी वजह से लोगों में डर बढ़ा है. मेटा और कई बैंकिंग कंपनियों के फैसलों के बाद यह बहस और तेज हो गई. हालांकि हुआंग का मानना है कि भविष्य उन्हीं लोगों का होगा जो नई तकनीक को अपनाने के लिए तैयार रहेंगे.
