modi cabinet reshuffle ministers list: ये खबर मोदी सरकार के संभावित कैबिनेट फेरबदल की इनसाइड स्टोरी के साथ शक्तिकांता दास, अरुण गोविल और श्रीकांत शिंदे जैसे उन प्रमुख नेताओं की पूरी लिस्ट के बारे में जानकारी देता है.

modi cabinet reshuffle ministers list: नई दिल्ली में इस समय सियासी हलचल बहुत तेज हो गई है. मोदी सरकार के कैबिनेट में बड़े फेरबदल की खबरें सामने आ रही हैं. चर्चा है कि यह बदलाव आने वाले रविवार या सोमवार को ही हो सकता है. इस हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अलग अलग मुलाकात की है. इस मुलाकात के बाद से ही मंत्रिमंडल में बदलाव की अटकलें सच साबित होती दिख रही हैं. सूत्रों के हवाले से कुछ ऐसे संभावित नाम सामने आए हैं जो सबको चौंका सकते हैं. इस नई लिस्ट में कई बड़े दिग्गजों की एंट्री होने वाली है तो कुछ पुराने चेहरों की छुट्टी हो सकती है.
इस संभावित लिस्ट में सबसे हैरान करने वाला नाम शक्तिकांता दास का है. वह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के पूर्व गवर्नर रह चुके हैं. खबर है कि उन्हें सीधे कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है. उन्हें वित्त मंत्रालय जैसी बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. इसके अलावा मेरठ से बीजेपी सांसद अरुण गोविल को भी मंत्री बनाया जा सकता है. टीवी पर भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल की एंट्री के पीछे कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर की भी कैबिनेट में दोबारा वापसी होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है.
गठबंधन सहयोगियों और नए चेहरों को भी इस बार बड़ा इनाम मिल सकता है. शिवसेना के श्रीकांत शिंदे को कैबिनेट मंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है. उन्होंने शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों को एनडीए में शामिल कराने में बड़ी भूमिका निभाई है. उनके साथ ही संजय दीना पाटिल को भी मंत्री पद मिल सकता है. आम आदमी पार्टी से पाला बदलकर आए राघव चड्ढा या अशोक मित्तल में से किसी एक की किस्मत चमक सकती है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू चीफ नीतीश कुमार को भी पीएम मोदी अपनी टीम में जगह दे सकते हैं. इनके अलावा बीजेपी संगठन के मजबूत नेता तरुण चुग, खजुराहो के सांसद विष्णुदत्त शर्मा और बिहार के महाराजगंज से सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल को भी सरकार में शामिल किया जा सकता है.
इस फेरबदल में कुछ बड़े मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं. मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय से हटाकर शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मंत्री मनोहर लाल खट्टर से ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार वापस लिया जा सकता है. हालांकि उनके पास शहरी विकास मंत्रालय पहले की तरह बना रहेगा. ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसी नए चेहरे को सौंपी जा सकती है. इस तरह सरकार कुछ मंत्रालयों के कामकाज में नया जोश फूंकने की तैयारी में है.
सबसे बड़ी खबर कुछ कद्दावर मंत्रियों की छुट्टी होने को लेकर है. वर्तमान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर चल रहा है. उन्हें कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. उनके साथ ही पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कुर्सी भी खतरे में दिखाई दे रही है. रेलवे और फूड प्रोसेसिंग राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भी बाहर किया जा सकता है. बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने वाला है और उन्हें दोबारा सदन में भेजने के आसार नहीं दिख रहे हैं. रहने वाले इन बड़े नेताओं के अलावा करीब आधा दर्जन राज्यमंत्रियों को भी खराब प्रदर्शन या नए समीकरणों के कारण हटाया जा सकता है.
