Sugar Price Drop 2026: केंद्र सरकार द्वारा आयात को मंजूरी देने और जमाखोरी पर नकेल कसने के बाद चीनी की एक्स-मिल कीमतें 67 रुपये से घटकर 55 रुपये प्रति किलो हो गई हैं.

Sugar Price Drop 2026: देश की आम जनता और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. रसोई का बजट बिगाड़ रही महंगी चीनी से अब लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है. केंद्र सरकार के दो सख्त और त्वरित फैसलों के बाद चीनी के एक्स-मिल दामों में लगभग 18 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. पिछले कुछ दिनों से तेजी से बढ़ रहे चीनी के भाव पर अब ब्रेक लग चुका है. सरकार के इस कड़े कदम से चीनी की एक्स-मिल कीमत 67 रुपये से घटकर सीधे 55 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है. खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में कीमतें और नीचे आएंगी.
क्यों अचानक आसमान छूने लगे थे चीनी के दाम
पिछले दो हफ्तों के दौरान देश भर के चीनी बाजारों में अचानक तेजी का माहौल बन गया था. चीनी की एक्स-मिल कीमत अपने रिकॉर्ड स्तर 67 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी. खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा के मुताबिक, इस अचानक उछाल के पीछे चीनी मिलों का रवैया था. मिलों ने मनमाने तरीके से चीनी की दरों में लगातार बढ़ोतरी की थी. चीनी मिलों की इस मनमानी की वजह से थोक बाजार में हड़कंप मच गया था. इसके चलते खुदरा बाजारों में भी कीमतें तेजी से बढ़ने लगी थीं और आम आदमी की जेब पर असर पड़ने लगा था.
सरकार ने लिया आयात को मंजूरी देने का फैसला
जैसे ही चीनी की दरें 67 रुपये प्रति किलो के पार पहुंचीं, केंद्र सरकार तुरंत एक्शन मोड में आ गई. स्थिति पर काबू पाने के लिए सरकार ने पहला बड़ा कदम चीनी के आयात को मंजूरी देकर उठाया. विदेशों से चीनी मंगाने के रास्ते खुलने से घरेलू बाजार में सप्लाई बेहतर होने का रास्ता साफ हो गया. इस फैसले से बाजार में चीनी की कमी होने का डर पूरी तरह खत्म हो गया. आपूर्ति सुनिश्चित होते ही मिल मालिकों के पास मनमाने दाम वसूलने का मौका नहीं बचा.
जमाखोरों और सट्टेबाजों पर कसा गया शिकंजा
बाजार में स्थिरता लाने के लिए सरकार ने दूसरा बड़ा फैसला जमाखोरी रोकने को लेकर किया. सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चीनी की कालाबाजारी और अवैध स्टॉक करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. सट्टेबाजी पर रोक लगाने के लिए देश भर में सख्त निगरानी और पाबंदियां लागू की गईं. सरकार की इस सख्ती से मुनाफाखोरी करने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया. गोदामों में जमा चीनी बाजार में बाहर निकलने लगी और कृत्रिम किल्लत का माहौल तुरंत खत्म हो गया.
67 रुपये से गिरकर 55 रुपये पर आई कीमत
सरकार की इस दोहरी रणनीति का असर बाजार में बहुत तेजी से दिखाई दिया. दबाव बनते ही चीनी मिलों को अपने दाम पीछे खींचने पड़े. जो चीनी मिलें कुछ दिन पहले तक 67 रुपये प्रति किलो के भाव पर माल बेच रही थीं, अब वे 55 रुपये प्रति किलो पर आ गई हैं. एक्स-मिल दामों में 12 रुपये की यह सीधी कटौती बहुत बड़ी राहत मानी जा रही है. खाद्य सचिव ने भरोसा जताया कि जैसे-जैसे आयातित चीनी बाजार में पहुंचेगी, एक्स-मिल दरों में और ज्यादा नरमी देखने को मिलेगी.
खुदरा बाजार में आम जनता को मिलेगा सीधा फायदा
जब भी कारखाने से निकलने वाली एक्स-मिल कीमत कम होती है, तो उसका असर धीरे-धीरे पूरे सप्लाई चेन पर पड़ता है. थोक व्यापारियों के बाद अब यह राहत सीधे आम ग्राहकों तक पहुंचने वाली है. एक्स-मिल रेट 55 रुपये पर आने के बाद आने वाले कुछ दिनों में आपके नजदीकी किराना दुकानों पर भी चीनी सस्ती मिलेगी. त्योहारी सीजन से ठीक पहले चीनी के दामों में आई यह गिरावट देश भर के करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है.
