गणतंत्र दिवस के मौके पर देश के कई जवानों को सम्मानित किया गया. इसी क्रम में अंतरिक्ष की उड़ान भरने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को भी सम्मानित किया गया है. शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र देकर सम्मानित किया गया है.
शुभांशु शुक्ला को मिला अशोक चक्र
देश में कई ऐसे लोग मौजूद हैं, जो देश का नाम काफी आगे लेकर जा रहे हैं. इनमें से एक नाम शुभांशु शुक्ला का भी है. शुभांशु शुक्ला ऐसे व्यक्ति हैं, जिनकी कामयाबी की चर्चाएं पूरी दुनिया में गूंज रही हैं. ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले यानी कल शाम को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है. गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के लिए अशोक चक्र को मंजूरी दी थी.
लाखों लोगों के लिए प्रेरणा
शुभांशु शुक्ला ऐसे पहले अंतरिक्ष यात्री हो गए हैं, जिन्हें सबसे सम्मानित शांति काल का वीरता पुरस्कार मिला है. शुभांशु शुक्ला हमें सिखाते हैं, कि हिम्मत सिर्फ युद्ध के मैदानों में ही नहीं, बल्कि अंतरिक्ष की ऊंचाइयों के लिए भी होती है. शुभांशु शुक्ला भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं. राकेश शर्मा की अंतरिक्ष उड़ान के लगभग 41 सालों के बाद में शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष की उड़ान भरी है. उन्होंने इस गैप को खत्म करके लोगों के लिए प्रेरणा बनने का काम किया है.
साल 2006 में IAF में हुए थे शामिल
शुभांशु शुक्ला साल 2006 में एक फाइटर पायलट के तौर पर भारतीय वायु सेना में शामिल हुए थे. शुभांशु शुक्ला ने अपने करियर में MiG-21, MiG-29, Jaguar, Su-30MKI और Hawk जैसे फाइटर जेट्स पर 2,000 घंटों से भी ज्यादा की उड़ान भरी है. जिसके बाद वे एक टेस्ट पायलट और कॉम्बैट लीडर बन गए थे. जिसके बाद साल 2019 में उन्हें ISRO द्वारा गगनयान के लिए चुना गया था. जिसके बाद शुभांशु शुक्ला ने रूस के यूरी गागरिन सेंटर में ट्रेनिंग ली थी. इसके साथ में ही शुभांशु शुक्ला ने NASA और IRSO के सेशन में भी हिस्सा लिया था.
