Friendship turned bloody suspicion murder: राजकोट में शक के चलते एक दोस्त ने अपने ही दोस्त निलेश धोखिया की सरेआम चाकू मारकर हत्या कर दी, पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है. आरोपी महेश जेठवा ने खुद थाने पहुंचकर सरेंडर किया और पुलिस ने उसे बीएनएस की धारा 103(1) के तहत गिरफ्तार कर लिया है.

Friendship turned bloody suspicion murder: राजकोट शहर में मंगलवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. दोस्ती और शक ने मिलकर एक परिवार को उजाड़ दिया है. 3 फरवरी को करीब 3.30 बजे स्पीडवेल चौक के पास वास्तु प्लाजा में माधव होटल के नजदीक यह वारदात हुई है. 43 साल के निलेश धोखिया पर उसके ही दोस्त महेश जेठवा ने सरेआम चाकू से हमला कर दिया है. पूरी घटना कुछ ही सेकंड में खत्म हो गई थी. बताया गया कि करीब 44 सेकंड के अंदर निलेश पर आठ बार चाकू से वार किए गए. निलेश दो बच्चों का पिता था और फर्नीचर के काम से जुड़ा हुआ था. दिनदहाड़े हुई इस हत्या से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और लोग सकते में आ गए.
पुलिस के अनुसार पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, आसपास मौजूद कुछ लोगों ने भी मोबाइल से वीडियो बना लिया. घटना के तुरंत बाद लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई. तालुका पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची. निलेश को तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई. लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. एसीपी बी. जे. चौधरी ने बताया कि वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है और मामले की हर एंगल से पड़ताल की जा रही है.
घटना के कुछ समय बाद ही एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. आरोपी महेश जेठवा खुद गांधीग्राम पुलिस स्टेशन पहुंच गया. उसने वहां जाकर पुलिस को बताया कि उसी ने अपने दोस्त की हत्या की है. इसके बाद गांधीग्राम पुलिस ने तालुका पुलिस को सूचना दी. फिर आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई. आरोपी के सरेंडर करने की खबर फैलते ही इलाके में चर्चा और भी तेज हो गई. लोग यह समझने की कोशिश करने लगे कि आखिर एक दोस्त अपने ही दोस्त का दुश्मन कैसे बन गया.
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की वजह शक थी. महेश को शक था कि उसकी शादीशुदा बहन प्रज्ञा और निलेश के बीच गलत संबंध हैं. प्रज्ञा गिर सोमनाथ जिले में अपने ससुराल में रहती है. निलेश से उसका संपर्क बना हुआ था. जब इस बात की जानकारी प्रज्ञा के पति को लगी तो उसने अपने साले महेश को इसकी जानकारी दी. इसी बात से महेश के मन में गुस्सा और शक बढ़ता चला गया. घटना से ठीक पहले महेश ने निलेश से कहा था कि अगर मैं तेरी बहन से बात करूं तो तुझे कैसा लगेगा. उसने वहां मौजूद लोगों से बीच में न आने की बात भी कही थी. इसके बाद उसने निलेश के सीने, पेट और कमर पर चाकू से कई वार कर दिए.

मृतक के बड़े भाई रमेश धोखिया की शिकायत पर पुलिस ने महेश जेठवा के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया है. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. जांच में पता चला है कि महेश जूनागढ़ जिले के खोरासा गांव का रहने वाला है. वहीं निलेश राजकोट में गुरुप्रसाद चौक के पास रहता था. दोनों एक ही फर्नीचर के काम से जुड़े थे और काफी समय से दोस्त थे. इस घटना के बाद निलेश के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और इलाके में अब भी डर और सन्नाटा बना हुआ है.
