Oman US iran nuclear talks: ओमान की मध्यस्थता में मस्कट में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर अप्रत्यक्ष बातचीत शुरू हुई है. दोनों देश तनाव के बावजूद डिप्लोमेसी का रास्ता अपनाने की कोशिश कर रहे हैं.

Oman US iran nuclear talks: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच अब बातचीत की एक नई कोशिश शुरू हो गई है. दोनों देश ओमान की राजधानी मस्कट में आमने-सामने नहीं. लेकिन मध्यस्थ के जरिए बात कर रहे हैं. यह बातचीत ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हो रही है. इस पूरी प्रक्रिया में ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी अहम भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधियों से भी अलग से बातचीत की. ओमान का मकसद दोनों देशों के बीच भरोसे का माहौल बनाना है. ताकि बातचीत दोबारा पटरी पर लौट सके. लंबे समय से बंद पड़े संवाद को फिर से शुरू करने की कोशिश मानी जा रही है.
ओमान के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि बातचीत का मुख्य उद्देश्य डिप्लोमेसी और तकनीकी स्तर की चर्चा को दोबारा शुरू करने का रास्ता बनाना है. बयान में कहा गया है कि सभी पक्ष क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा और स्थिरता चाहते हैं. इसी वजह से बातचीत को जरूरी माना जा रहा है. तस्वीरों के जरिए भी इन बैठकों की पुष्टि हुई है. पहले ईरानी प्रतिनिधिमंडल महल से बाहर निकलता दिखा. उसके बाद अमेरिकी झंडे वाला काफिला परिसर में दाखिल हुआ. इससे साफ हो गया कि दोनों पक्ष एक ही जगह मौजूद थे. हालांकि बैठकें अलग-अलग कमरों में हुईं. यही वजह है कि इसे अप्रत्यक्ष बातचीत कहा जा रहा है.
रिपोर्टों के मुताबिक ओमान के विदेश मंत्री की अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात के बाद ही यह रास्ता साफ हुआ है कि ईरान और अमेरिका के बीच इनडायरेक्ट बातचीत शुरू हो सकती है. ईरानी सरकारी मीडिया ने भी इस बात के संकेत दिए हैं. दूसरी तरफ अमेरिका लगातार ईरान पर नया परमाणु समझौता करने का दबाव बना रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले कई बार सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दे चुके हैं. अब जब बातचीत शुरू हो रही है तो फिलहाल टकराव का खतरा टलता दिख रहा है. लेकिन माहौल अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं कहा जा सकता.
वार्ता से पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची शुक्रवार सुबह मस्कट पहुंचे. उनसे कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी ओमान पहुंच गया था. ओमान पहुंचते ही अरागची ने बद्र अलबुसैदी से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने साफ शब्दों में अमेरिका को संदेश दिया. उन्होंने कहा कि अगर ईरान को उकसाया गया तो वह अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की पूरी ताकत से रक्षा करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान किसी दबाव में झुकने वाला नहीं है. उनका बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि बातचीत के साथ-साथ ईरान सख्त रुख भी बनाए रखना चाहता है.

अरागची ने सोशल मीडिया पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने लिखा कि पिछले एक साल में जो कुछ हुआ है. उसे ईरान भूला नहीं है. इसके बावजूद वह फिर से डिप्लोमेसी की राह पर लौट रहा है. उन्होंने कहा कि ईरान खुली आंखों और पुराने अनुभवों के साथ बातचीत में उतर रहा है. उनका कहना है कि बातचीत तभी सफल हो सकती है जब बराबरी का दर्जा दिया जाए. आपसी सम्मान रखा जाए. और जो वादे किए जाएं. उन्हें निभाया जाए. ईरान ने साफ कर दिया है कि वह सद्भावना के साथ बात करेगा. लेकिन अपने अधिकारों से किसी भी हालत में पीछे नहीं हटेगा.
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