हाल ही में अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह अपने पद से इस्तीफा देने को लेकर काफी ज्यादा चर्चे में है. वह GST विभाग में कार्यरत थे. दरअसल, इन्होंने इस्तीफा देने के दौरान बताया कि शंकराचार्य के द्वारा योगी आदित्यनाथ पर किए गए टिप्पणी के कारण उन्हें काफी आहत हुआ है. उन्होंने कहा कि जिस जगह के वेतन से उनका घर चलता है. उसी के लिए सभी के सामने ऐसी भाषा का प्रयोग, उनका अपमान करना और समाज को तोड़ने वाले कामों में आता है. पालकी में बैठकर वह ऐसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं. इसके बाद से लोगों के बीच वह चर्चा का विषय बने हुए है. हालांकि, इस मुद्दे में एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है. यह मोड़ इनके अपने सगे भाई द्वारा दिया जा रहा है. आइए उससे पहले उनके जीवन के कुछ पहलुओं पर नजर डालते हैं.
प्रशांत कुमार ने 2013 में की पहली पोस्टिंग
बता दें कि प्रशांत कुमार का जन्म 28 अक्टूबर 1978 में हुआ है. उनका जन्म स्थल मऊजनपद शर्मा गांव है. त्रिपुरारी सिहं उनके पिता का नाम है. उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई राम इंटर कॉलेज से की और 12वीं विद्युत परिषद से की. अपनी आगे की पढ़ाई के लिए वह वाराणसी में आए थे. उन्होंने आजमगढ़ से LLB की पढ़ाई की थी. 2013 में सहारनपुर में उनकी पहली पोस्टिंग हुई थी. पहली पोस्टिंग 2013 के सहारनपुर में और 2023 में उनकी अयोध्या में पोस्टिंग हुई थी. जिस पर से उनके द्वारा इस्तीफा दे दिया गया. अपने पद से इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि वह समाज सेवा के कार्यों को करते रहेंगे.
पत्नी से बात करते हुए ऑडियो वायरल
उनका अपने पत्नी से बात करने का एक ऑडियो भी लोगों के बीच वायरल हो रहा है. वह कह रहे हैं कि मुझसे ये सब बिल्कुल भी सहन नहीं हो रहा है. मैं कई रातों से सो नहीं पाया हूं. हालांकि, मैं आत्मसम्मान से समझौता नहीं कर पाऊंगा. अपने पद से इस्तीफे दे रहा हूं. हालांकि, इस्तीफे के मंजूर नहीं होने तक वह अपना काम करते रहेंगे.
भाई ने ही बता दी सच्चाई
हालांकि, इस मामले में एक नया मोड़ आ रहा है. यह आरोप और किसी ने नहीं बल्कि उनके भाई डॉ विश्वजीत सिंह द्वारा लगाया जा रहा है. उनके सगे भाई ने दावा किया है कि प्रशांत कुमार सिंह ने फर्जी विकलांग सर्टिफिकेट का उपयोग करके सरकारी नौकरी ली है. बता दें कि इससे पहले भी इनके भाई ने 2021 में शिकायत दर्ज करवाया था. उन्होंने उस समय उनके पत्र की निरीक्षण के लिए बोला था. चिकित्सा परिषद द्वारा उन्हें दो बार बुलाया भी गया था. दो बार बुलाने के बाद भी वह वहां पर उपस्थित नहीं हुए थे. प्रशांत कुमार के भाई ने एक पत्र भी काफी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने उनके दिव्यांग प्रमाण पत्र की मांग की है. साथ ही उनके इस्तीफे को नाटक कहा है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि जिस बीमारी को दिखा कर प्रशांत कुमार सिंह ने सरकारी नौकरी ली है. वह केवल 50 साल से अधिक उम्र के लोगों की होती है. इसी कारण से CMO(मुख्य चिकित्सा अधिकारी) ने जांच शुरू की है.
