गाजियाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आ रही है. भगवान के दर्शन कर लौट रहे युवकों की दिल्ली-मुंबई के एक्सप्रेसवे में मौत हो गई है. युवको की पहचान खोड़ा निवासी के रूप में की गई है. दरअसल, शुक्रवार को वंदना एनक्लेव के निवासी राहुल गुप्ता अपने साले बृजमोहन, दो दोस्त पारस और विक्रम सिंह और अपने चचेरे भाई जिसका नाम प्रिंस है. उन सभी के साथ उज्जैन महाकाल के दर्शन करने के लिए निकले थे. हालांकि, इन सभी के परिवार वालों के लिए इनकी यह ट्रिप मातम में बदल गई.
भगवान के दर्शन से लौट रहे थे युवक
किसी भी को भी नहीं लगा था कि भगवान के दर्शन को निकले तीनों युवक जब वापस घर आएंगे. तो उनके साथ ऐसा हो जाएगा. प्रिंस और राहुल गुप्ता दोनों इकलौते बेटे थे. सोमवार के दिन पर घरवालों को इनकी सूचना दी गई थी. बृजमोहन कार में सबसे पीछे बैठे थे, जिसके कारण उनकी जान बच गई लेकिन बाकी के सभी लोग इस हादसे में अपनी जान को खो बैठे थे.
राहुल गुप्ता का पूरा परिवार टूट गया. दरअसल, राहुल गुप्ता शादीशुदा थे. साथ ही उनका एक बेटा दस तो दूसरा 5 साल का था. प्रिंस अपने घर का इकलौता बेटा और 12वीं की पढ़ाई कर रहा था. प्रिंस के पिता रजनीश की हालत रो-रो कर काफी खराब हो रखी है.
परिजनों का घटना के बाद से रो-रोकर बुरा हाल
घरवालों ने बताया कि सभी लोग बृजमोहन की कार लेकर उज्जैन महाकाल के दर्शन करने के लिए निकले थे. बृजमोहन सबसे पीछे बैठे हुए था. इन्हीं कारणों से उसकी जान को किसी भी तरीके का खतरा नहीं हुआ था. हादसे के होने के बृजमोहन द्वारा एंबुलेस और पुलिस दोनों को मदद के लिए कॉल किया था लेकिन मदद काफी देर से पहुंची थी. बृजमोहन ने बताया कि हादसे के होने से पहले वह कार चला रहे थे, जिसके बाद उन्हें नींद आ गई थी. इन्हीं कारणों की वजह से पीछे बैठे थे. राहुल और प्रिंस का अंतिम संस्कार सुबह में शव के खोड़ा पहुंचने और शाम में बारिश के बीच में गाजीपुर के अंत्येष्टी स्थल पर किया गया.
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