पश्चिम एशिया में चल रहे संकट को लेकर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कर्तव्य भवन में एक बड़ी बैठक की है. इस दौरान मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट की निगरानी और भारत पर हो रहे इसके प्रभाव को कम करने के लिए चर्चा की गई है.

कर्तव्य भवन में बड़ी बैठक
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट को देखते हुए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को बड़ी मीटिंग की है. सोमवार को कर्तव्य भवन में राजनाथ सिंह ने मंत्रियों के अनौपचारिक सशक्त समूह (IGoM) की हाई लेवल मीटिंग का नेतृत्व किया है. आपको बता दें कि यह बैठक पश्चिम एशिया में चल रहे संकट की निगरानी और भारत पर हो रहे इसके प्रभाव को कम करने के लिए की गई है.
इससे पहले भी हो चुकी बैठक
बताया जा रहा है कि इस बैठक को कर्तव्य भवन-2 में आयोजित किया गया था. इससे पहले भी 28 मार्च और 2 अप्रैल को ऊर्जा सप्लाई और बुनियादी ढांचे के लचीलेपन को लेकर चर्चा हुई थी. आज आयोजित की गई बैठक के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र, होर्मुज स्ट्रेट और ईंधन सप्लाई की समस्याओं को लेकर चर्चा की गई है. आपको बता दें कि पीएम मोदी ने संसाधनों के संरक्षण को लेकर अपील की थी, जिसके बाद यह पहली बड़ी बैठक है.
पीएम मोदी ने की थी लोगों से अपील
आपको बता दें कि सरकार इस समय ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही समस्याओं को लेकर पूरी तरह से सतर्क मोड पर है. आपको बता दें कि हैदराबाद में पीएम मोदी ने लोगों से दुनिया में जारी तनाव के बीच आर्थिक लचीलेपन के लिए एक जन आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि देशभक्ति सिर्फ सीमा पर जान देने का नाम नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी से जीना भी राष्ट्र सेवा है.
क्या हुई चर्चा?
अब देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन में एक बड़ी बैठक की है. इस दौरान मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट की निगरानी और भारत पर हो रहे इसके प्रभाव को कम करने के लिए चर्चाएं की गई हैं. इस बड़ी बैठक में हिंद महासागर क्षेत्र, होर्मुज स्ट्रेट और ईंधन सप्लाई की समस्याओं को लेकर चर्चा की गई है. प्रधानमंत्री द्वारा की गई लोगों से अपील के बाद यह पहली बड़ी बैठक है.
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