DMRC के लिए अभी के समय में एक बड़ी समस्या सामने आ रही है. दरअसल, कई स्टेशनों से केबल चोरी होने की खबरें सामने आ रही है. इन चोरी के कारण लाखों के नुकसान के साथ स्पीड पर काफी असर देखने को मिलता है. बार-बार चोरी होने की वजह से दिल्ली मेट्रो ने एक सर्वे किया था. इस सर्वे में सबसे ज्यादा चोरी होने वाले इलाकों कि चिह्नित किया गया है.
इन इलाकों पर चोरी का सबसे ज्यादा खतरा
कुतुबमीनार और सुल्तानपुर डिपो के बीच वाला रूट
एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और धोलाकुला
शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन
मुकुंदपुर डिपो
ESI और पंजाबी बाग मेट्रो स्टेशन के बीच का ट्रेक
मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन
शकूरपुर और नेताजी सुभाष प्लेस
वेलकम और मौजपुर
कीर्ति नगर और रमेश नगर
वेलकम और कृष्णा नगर
शास्त्री पार्क से सीलमपुर
जहांगीरपुरी और हैदरपुर मोड़
त्रिलोकपुरी और IP एस्टेट कॉरिडोर
गोकुलपुरी और जौहरी एन्क्लेव
पुलिस जांच में पायी गई ये दिक्कतें
इन जगहों पर चारदीवारी टूटी हुई.
संवेदनशील हिस्से में गायब रेलिंग
किनारे टूटे हुए
मेट्रो ट्रेक पर पेड़ों की कटाई और छंटाई न हो पाना
पहले कितने आए ऐसे मामले
बता दें कि यह पहली बार नहीं है. इससे पहले भी कई केबल चोरी के मामले सामने आए है. 2025 में 63 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 55 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है.
साल 2026 की शुरुआत से लेकर 15 अप्रैल तक 20 मामले सामने आए है. इन मामलों में कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
चोरी से होती यह दिक्कतें
बता दें कि इन चोरी से कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
मेट्रो का सिग्नलिंग सिस्टम प्रभावित होता है. इसी कारण से मेट्रो की चाल धीमी हो जाती है. इन सिग्नल को ठीक करने में DMRC का काफी पैसा भी जाता है. लाखों रुपये उन केबल को ठीक कराने में चले जाते हैं.
चोरी के लिए उठाया सख्त कदम
चोरी वाले क्षेत्रों में केबल को सीमेंट से पक्का करना
एंटी थैफ्ट क्लैंप लगाना
सीसीटीवी से निगरानी को बढ़ाना
कटीली तारों को लगाना
केबल ट्रे सुरक्षा कवच
ताबें के केबल की बजाए एल्युमीनियम केबल
DMRC, CISF और दिल्ली पुलिस की अधिक निगरानी
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