भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा होने वाला है. राजस्थान के फॉरवर्ड एयरबेस पर स्वदेशी तेजस Mk1A फाइटर जेट्स के पहले 4 स्क्वाड्रनों को तैनात किया जाने वाला है.

राजस्थान में तैनात होंगे तेजस Mk1A फाइटर जेट्स
भारतीय वायुसेना लगातार दुश्मनों को धूल चटाती हुई आई है. अब एयर फोर्स पाकिस्तान की सीमा पर अपनी हवाई ताकत को और भी मजबूत करने जा रही है. आपको बता दें कि एयर फोर्स ने योजना बनाई है कि स्वदेशी तेजस Mk1A फाइटर जेट्स के पहले 4 स्क्वाड्रनों को राजस्थान के फॉरवर्ड एयरबेस पर तैनात किया जाएगा. इस तैनाती के पीछे का मकसद है कि पश्चिमी मोर्चे पर तेजी से जवाब देने की क्षमता बढ़ेगी.
क्या होगा फायदा?
राजस्थान में फाइटर जेट्स तैनात होने के बाद जबाव देने की क्षमता बढ़ेगी और युद्ध जैसी स्थिति में लगातार ऑपरेशन चलते रहेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी साल बीकानेक में मौजूद नाल एयर फोर्स स्टेशन तेजस Mk1A का मुख्य बेस बनेगा. जिसके बाद यहां तेजस Mk1A फाइटर जेट्स के पहले और तीसरे स्क्वाड्रन को तैनात किया जाएगा. तेजस Mk1A जेट्स यहां लंबे समय से सेवा में मौजूद MiG-21 बाइसन स्क्वाड्रनों की जगह लेंगे.
बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर हो रहा तैयार
आपको बता दें कि इसी के साथ राजस्थान का फालोदी एयरफोर्स स्टेशन दूसरे स्क्वाड्रन का बेस होने वाला है. यहां पर विमानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है. आपको बता दें कि आने वाले कुछ ही समय में नाल और फालोदी, पश्चिमी सेक्टर में भारत के लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट ऑपरेशन के मुख्य केंद्र बन जाएंगे.
बेहद ताकतवर है तेजस Mk1A
पाकिस्तान की सीमा के पास में तेजस की तैनाती इंडियन एयर फोर्स की नई युद्ध रणनीति को दिखाती है. आपको बता दें कि इन जगहों पर फाइटर जेट्स के तैनात होने के बाद में दुश्मन की किसी भी गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकेगी. आपको बता दें कि तेजस Mk1A स्वदेशी रूप से बनाया जाने वाला आधुनिक तकनीकों से लैस फाइटर जेट है. इसमें AESA रडार, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, लंबी दूरी की Astra BVR मिसाइल और मिड-एयर रिफ्यूलिंग जैसी क्षमताएं मौजूद हैं.
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