NEET पेपर लीक मामले में CBI ने नया खुलासा किया है. जांच के मुताबिक NEET क्वेश्चन पेपर मुख्य आरोपियों में से एक शुभम खैरनार के हाथ में 27 अप्रैल को ही आ गया था. जिसके बाद यह कई राज्यों में भेजा गया.

27 अप्रैल को ही मिल गया था पेपर
NEET पेपर लीक मामले में CBI जांच कर रही है, जिसके चलते इसमें लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं. इस मामले को लेकर कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं. CBI ने मामले में जांच करते हुए नासिक-राजस्थान कनेक्शन को उजागर किया है. इस मामले को लेकर नासिक में बड़ा खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि इस पूरे रैकेट के मुख्य आरोपियों में से एक शुभम खैरनार के हाथ में NEET क्वेश्चन पेपर 27 अप्रैल को ही आ गया था.
हरियाणा से भेजा गया पेपर
जांच में सामने आई जानकारियों के मुताबिक पेपर मिलने के बाद शुभम का संपर्क उत्तर प्रदेश के कुछ लोगों से हुआ था. जिसके बाद में हरियाणा के कुछ लोगों से संपर्क होने के बाद पेपर हरियाणा से राजस्थान के सीकर में पहुंचा था, जहां से उसे अलग-अलग राज्यों में भेजा गया. बताया जा रहा है कि पेपर मिलने के बाद में शुभम खैरनार 2 दिनों तक नासिक से बाहर ही थी. बताया जा रहा है कि टेलीग्राम ऐप के जरिए आरोपियों के बीच में संपर्क होता था.
15-20 लाख में बेचा गया पेपर
मामले में जांच में यह भी शक जताया जा रहा है कि 27 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच में एक पेपर 15 से 20 लाख रुपयों में बेचा गया था. यह भी कहा जा रहा है कि 3 मई से पहले ही पेपर को बेचा जाने लगा था. इस मामले में CBI आर्थिक लेन-देन की जांच भी कर रही है. CBI इस मामले में आज नांदेड़ के कदम परिवार से पुणे में पूछताछ करेगी. बीते शनिवार भी टीम ने नांदेड़ शहर के विद्युत नगर इलाके में छापा मारकर कदम परिवार लगभग 8 घंटों तक पूछताछ की थी.
कदम परिवार से होगी पूछताछ
बताया जा रहा है कि कदम परिवार ने अपनी बेटी के लिए 5 लाख रुपये में NEET का पेपर खरीदा था. इस मामले में आज कदम परिवार को पुणे के CBI कार्यालय में बुलाया गया है. NEET पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद उनके बयान में नांदेड़ के कदम परिवार का नाम सामने आया है.
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