Gomti River Forest: राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के किनारे करीब 300 एकड़ में विशाल रिवर फॉरेस्ट विकसित करने की तैयारी है. पिपराघाट से सरसवां क्षेत्र तक बनने वाली इस 150 करोड़ रुपये की परियोजना में प्रकृति और आधुनिक सुविधाओं का अनोखा संगम देखने को मिलेगा. गोमती नदी के किनारे करीब 300 एकड़ क्षेत्र में बड़ा रिवर फॉरेस्ट विकसित किया जाएगा.
कितना आएगा खर्च
यह परियोजना पिपराघाट से लेकर शहीद पथ से पहले सरसवां क्षेत्र तक बनाई जाएगी. इस पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. परियोजना की खास बात यह होगी कि यहां प्राकृतिक व्यवस्था को बिना नुकसान पहुंचाए विकास कार्य किए जाएंगे और नदी, जलजीवों व पक्षियों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखा जाएगा. जानकारी के अनुसार गोमती रिवर फॉरेस्ट परियोजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है. रक्षा मंत्रालय के प्रयासों से छावनी परिषद की जमीन और बजट पर भी काम चल रहा है। आने वाले समय में यह क्षेत्र राजधानी का बड़ा आकर्षण बन सकता है.
एलिवेटेड वॉक-वे और ट्रैक
रिवर फॉरेस्ट में लोगों के घूमने और पिकनिक के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे. पूरे क्षेत्र में जमीन पर भारी निर्माण नहीं होगा, बल्कि करीब छह फीट ऊंचाई पर एलिवेटेड वॉक-वे और ट्रैक बनाए जाएंगे. इससे जंगल और नदी का प्राकृतिक संतुलन बना रहेगा तथा जीव-जंतुओं के आवागमन पर असर नहीं पड़ेगा. पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक यह मॉडल शहरी जंगलों के लिए आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल माना जा रहा है. परियोजना में नदी की तरफ किसी प्रकार की बाउंड्री वॉल नहीं बनाई जाएगी. सुरक्षा के लिए केवल चेन लिंक फेंसिंग की जाएगी, ताकि नदी का पानी प्राकृतिक रूप से आता-जाता रहे और जलीय जीवों का संरक्षण हो सके. नदी और आसपास के जल क्षेत्र को साफ रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी. यहां मछलियों, कछुओं और अन्य जलीय जीवों के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा.
मॉर्डन सुविधाएं
रिवर फॉरेस्ट में पिकनिक स्पॉट, फेमिली एंटरटेनमेंट जोन, फूड कोर्ट, बैठने की जगह और टॉयलेट जैसी सुविधाएं विकसित होंगी. नदी के दोनों किनारों पर सुरक्षा के इंतजाम भी किए जाएंगे. यहां ओपन जिम, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, चार ब्लॉक में शौचालय, कार्यालय, स्नानघर और रेस्ट रूम बनाए जाएंगे. इसके अलावा वेंडिंग जोन, मुख्य प्रवेश द्वार, मल्टीमीडिया, लाइट एंड साउंड शो, वाटर बॉडी, गज़ेबो, कंट्रोल रूम, एलिवेटेड वॉक-वे, 3500 मीटर लंबी स्टील रेलिंग, ओपन एयर थिएटर और ट्रांसफॉर्मर जैसी सुविधाएं भी होंगी. परियोजना के तहत आम, अमरूद, लीची, शरीफा, गुलर, पीपल, बरगद, जामुन और कटहल जैसे फलदार व छायादार पेड़ लगाए जाएंगे.
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