Trump Christian Nation Statement: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को ‘क्रिश्चियन नेशन’ बताते हुए कहा कि देश की नींव धर्म पर टिकी है और उन्हें इस पहचान पर बेहद गर्व है.

Trump Christian Nation Statement: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर धर्म और क्रिश्चियनिटी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका की नींव धर्म पर रखी गई थी और उन्हें इस बात पर गर्व है. ट्रंप ने कहा कि ईसाई धर्म अमेरिका के लिए बहुत अच्छी चीज है और देश की पहचान इससे जुड़ी हुई है. उन्होंने पहले भी कई बार अमेरिका को “क्रिश्चयन नेशन” बताया है. ट्रंप का कहना है कि देश से ईसाई मूल्यों को हटाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ऐसा होने नहीं दिया जाएगा. उनके इस बयान के बाद अमेरिका में धर्म और राजनीति को लेकर बहस तेज हो गई है.
ट्रंप लंबे समय से खुद को पारंपरिक क्रिश्चयन वोटर्स के सबसे बड़े समर्थक के रूप में पेश करते रहे हैं. वह लगातार कहते हैं कि अमेरिका की संस्कृति और इतिहास की जड़ें ईसाई धर्म में हैं. उनके बयान को सीधे तौर पर उन लोगों के लिए संदेश माना जा रहा है जो धार्मिक मूल्यों को बचाने की बात करते हैं. अमेरिका में गर्भपात, एलजीबीटी नीतियां, स्कूलों में प्रार्थना और सार्वजनिक जीवन में धर्म जैसे मुद्दों पर पहले से ही तीखी बहस चल रही है. ऐसे में ट्रंप का यह बयान राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकता है.
इसी बीच ट्रंप ने ईरान को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का नेतृत्व बेहद कट्टरपंथी है और अगर उसके पास परमाणु हथियार पहुंचे तो दुनिया के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है. उन्होंने कहा कि चाहे लोग उनके फैसले को पसंद करें या नहीं, लेकिन वह दुनिया को तबाह नहीं होने देंगे. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका की अब तक की सैन्य कार्रवाई को काफी समर्थन मिला है और लोग इसे जरूरी मान रहे हैं.
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि उन्होंने ईरान पर होने वाला एक बड़ा हवाई हमला आखिरी समय में रोक दिया था. उनके मुताबिक हमला करने का फैसला लगभग हो चुका था, लेकिन तभी ईरान की तरफ से नया शांति प्रस्ताव भेजा गया. ट्रंप ने कहा कि कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं ने भी उनसे अपील की थी कि अगर समझौते की उम्मीद है तो हमला टाल दिया जाए. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि अगर बातचीत सफल नहीं होती है तो अमेरिका फिर से बड़ा सैन्य कदम उठा सकता है.
ट्रंप ने संकेत दिए कि आने वाले कुछ दिनों में हालात के हिसाब से नया हमला भी हो सकता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को किसी भी कीमत पर नया परमाणु हथियार बनाने नहीं देगा. बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमला किया था. इसके बाद लंबे समय तक तनाव और संघर्ष चला. बाद में 8 अप्रैल 2026 को तीनों पक्षों के बीच सीजफायर पर सहमति बनी. फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है.
