US Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति के कारण कच्चा तेल $110 प्रति बैरल पार कर चुका है, जिससे भारत सहित दुनिया भर में पेट्रोल डीजल और महंगाई का दबाव बढ़ गया है. इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलासा किया कि खाड़ी देशों की मध्यस्थता के कारण ईरान पर होने वाला हमला आखिरी 1 घंटे में टला, और यदि शांति समझौता हुआ तो तेल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी.

US Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है. युद्ध और होर्मूज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे की वजह से तेल और गैस संकट गहरा गया है. कच्चे तेल की कीमतें लगातार 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं. इसका असर भारत समेत कई देशों में महंगाई के रूप में देखने को मिल रहा है. पाकिस्तान, बांग्लादेश और ब्रिटेन जैसे देशों में भी पेट्रोल डीजल और जरूरी चीजों की कीमतों पर दबाव बढ़ा है. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि जल्द हालात बदल सकते हैं और तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अब समझौते के लिए काफी उत्सुक नजर आ रहा है. उनके मुताबिक अगर शांति समझौता होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ सकती हैं. ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास तेल का बड़ा भंडार है और अगर हालात सामान्य होते हैं तो सप्लाई बढ़ेगी. इससे दुनिया भर में तेल सस्ता हो सकता है. उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में लोग तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देख सकते हैं. ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल बढ़ गई है.
व्हाइट हाउस में बातचीत के दौरान ट्रंप ने बताया कि कई खाड़ी देश इस समझौते को कराने में जुटे हैं. सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन जैसे देश लगातार बातचीत कर रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका भी ईरान को समझौते के लिए सीमित समय दे रहा है. उनका कहना है कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा. ट्रंप ने चिंता जताई कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार पहुंच गए तो इससे पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है.
ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका ईरान पर हमला करने के बेहद करीब पहुंच गया था. उन्होंने कहा कि हमला शुरू होने में सिर्फ करीब एक घंटा बाकी था. लेकिन तभी खाड़ी देशों के नेताओं की तरफ से फोन आए और शांति वार्ता का संदेश मिला. इसके बाद उन्होंने सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला लिया. ट्रंप के मुताबिक मध्यस्थ देशों ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए सकारात्मक रुख दिखा रहा है. इसी वजह से अमेरिका ने फिलहाल हमला टाल दिया.
ट्रंप के इस बयान का असर तेल बाजार में भी दिखाई दिया. बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी दर्ज की गई. हालांकि सप्लाई को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है और कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत काफी अहम रहने वाली है. अगर समझौता हो जाता है तो तेल सस्ता हो सकता है. लेकिन अगर तनाव फिर बढ़ा तो कीमतों में दोबारा तेज उछाल भी देखने को मिल सकता है.
