हाल ही में CBSE ने भाषा संबंधी एक बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, कक्षा 9वीं तक के छात्रों को अब तीन भाषा पढ़ाया जाएगा. इसमें दो भाषाएं भारतीय और एक छात्र अपनी इच्छा से ले सकता है. हालांकि, कई लोगों ने सीबीएसई के इस फैसले के खिलाफ में याचिका दायर की है, जिसके बाद अभिभावकों और बच्चों में काफी कन्फ्यूजन देखने मिल रहा था.
ऐसे में बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इसी नीति पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि इससे संबंधित किसी भी मामले की सुनवाई 14 जुलाई के बाद में की जाएगी. सभी पक्षों को सुनने के बाद ही कोर्ट आगे कोई फैसला लेगी.
बता दें इन नीति के खिलाफ याचिका दायर करने वाले लोगों की डिमांड थी कि इस सत्र से इस नीति को न लागू किया जाए. फिलहाल के लिए इस पर रोक लगा दी जाए. सभी का कहना है कि सीबीएसई ने इस नीति को 2029-2030 में लागू करने के लिए बोला था, लेकिन अचानक ही 15 मई को फैसला बदल दिया गया और नई व्यवस्था लागू कर दी गई. ऐसा करने से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही कई स्कूलों में किताब और शिक्षक तक की सुविधा नहीं है. यह नीति उनके लिए एक बोझ बन जाएगी. भाषा हर व्यक्ति की अपनी पसंद का विषय होता है. किसी भी व्यक्ति पर इसका दबाव नहीं डलना चाहिए.
हालांकि, याचिकाकर्ता की इस मांग पर रोक लगा दी गई है. अगली सुनवाई के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा. साथ ही सभी पक्षों की दलील सुनी जाएगी. तब तक के लिए इस नीति पर कोई रोक नहीं है.
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