gold silver price crash: अमेरिका-ईरान शांति समझौते और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के संकेतों के बीच सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जिससे एमसीएक्स पर सोना डेढ़ लाख से नीचे और चांदी 13,000 रुपये तक सस्ती हो गई है.

gold silver price crash: वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल के बीच भारतीय सर्राफा बाजार से एक बहुत बड़ी खबर आ रही है. सोने और चांदी की कीमतों में अचानक एक बहुत भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों और खरीदारों के बीच खलबली मच गई है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव तेजी से गोता लगाते हुए डेढ़ लाख रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ चुका है. वहीं दूसरी तरफ चांदी की कीमतों में तो जैसे एक बड़ा भूचाल आ गया है और प्रति किलो चांदी के दाम झटके में हजारों रुपये टूट चुके हैं. कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बड़ी गिरावट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद आई है, जिसने वैश्विक बाजारों को राहत दी है.
अगर हम कमोडिटी बाजार के इस बड़े उतार-चढ़ाव और धातु व्यापार के बुनियादी नियमों को समझना चाहें, तो मशहूर अर्थशास्त्री डेविड रिकार्डो की किताब ‘प्रिंसिपल्स ऑफ पॉलिटिकल इकॉनमी एंड टैक्सेशन’ में इसके कारणों का गहरा विश्लेषण मिलता है. इस किताब के सिद्धांतों के अनुसार, जब भी दुनिया में राजनीतिक तनाव कम होता है, तो सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से लोग पैसा निकालने लगते हैं. आज भी बाजारों में यही देखने को मिला, जहां एमसीएक्स पर सोना करीब 4,000 रुपये या 3 फीसदी की गिरावट के साथ 1,49,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. वहीं वायदा बाजार में चांदी की कीमत तो 13,000 रुपये से भी ज्यादा यानी करीब 5.30 फीसदी टूटकर 2,38,600 रुपये प्रति किलो पर आ गिरी है.
घरेलू सर्राफा बाजार में शाम को कारोबार बंद होने तक भी स्थिति बहुत ही सुस्त बनी रही. रिटेल मार्केट में शुद्धता के आधार पर 24 कैरेट सोने का भाव करीब 2,000 रुपये घटकर 1,48,043 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है. आम तौर पर गहने बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने का भाव भी गिरकर 1,35,653 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि 18 कैरेट सोना 1,11,070 रुपये पर बिक रहा है. आम उपभोक्ताओं के बुलियन मार्केट में भी चांदी की चमक बेहद फीकी रही, जहां इसके दाम 7,500 रुपये प्रति किलो तक साफ हो गए. इस भारी कटौती के बाद चांदी 2.40 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई है, जबकि कीमती धातु प्लेटिनम भी 2,700 रुपये टूटकर 60,158 रुपये पर आ चुका है.
इस बड़ी गिरावट का असली असर केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के बाजारों पर देखा जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 118 डॉलर या करीब 2.70 फीसदी टूटकर 4,262.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है. वहीं वैश्विक स्तर पर चांदी की कीमत भी 4.5 डॉलर यानी 6.30 फीसदी की बड़ी कमजोरी के साथ 66.295 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है. दुनिया भर के सर्राफा एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में आया यह बड़ा भूचाल असल में अमेरिकी केंद्रीय बैंक ‘फेडरल रिजर्व’ की बैठक के फैसलों का सीधा नतीजा है, जिसने निवेशकों के पूरे मूड को बदलकर रख दिया है.
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने जून 2026 की अपनी ताजा बैठक में इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. उन्होंने फेडरल फंड्स रेट को पुरानी सीमा यानी 3.50% से 3.75% के दायरे में ही स्थिर रखने का फैसला सुनाया है. हालांकि, बैंक के अधिकारियों ने यह साफ संकेत दिया है कि अमेरिका में महंगाई अब भी बहुत ऊंची बनी हुई है, जिसके चलते इस साल के अंत तक ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी की जा सकती है. फेड के चेयरमैन केविन वार्श ने बयान दिया है कि महंगाई को 2 फीसदी के लक्ष्य पर लाना उनकी पहली प्राथमिकता है. ब्याज दरों में भविष्य में होने वाली इसी बढ़ोतरी के डर से निवेशकों ने सोने-चांदी की बिकवाली तेज कर दी, जिससे दोनों धातुएं अचानक इतनी सस्ती हो गई हैं.
