bhojpur-encounter-case: यह खबर बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस द्वारा दर्ज की गई तीन अलग-अलग प्राथमिकियों और परिजनों व विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे फेक एनकाउंटर के आरोपों की पूरी जानकारी देता है.

bhojpur-encounter-case: बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई बहुत तेज कर दी है. शाहपुर थाना क्षेत्र के इस बहुचर्चित मामले में पुलिस ने एक या दो नहीं, बल्कि पूरे तीन अलग-अलग केस दर्ज किए हैं. इन मुकदमों में मारे गए भरत तिवारी के साथ-साथ उसके पिता और भाई को भी आरोपी बनाया गया है. इसके अलावा एनकाउंटर के बाद सड़क पर उतरकर विरोध जताने वाले लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है. वहीं दूसरी तरफ भरत के घरवाले पुलिस पर नकली एनकाउंटर का गंभीर आरोप लगा रहे हैं.
पहली एफआईआर शाहपुर के थाना प्रभारी के बयान पर दर्ज की गई है. इसमें मृतक भरत भूषण तिवारी, उसके पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को नामजद किया गया है. पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने अपने घर में गैरकानूनी हथियार छिपाकर रखे थे. पुलिस जब सूचना मिलने पर वहां पहुंची तो इन लोगों ने सरकारी काम में रुकावट डाली और पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं. पुलिस का कहना है कि भरत के पिता और भाई को भी इन हथियारों की पूरी जानकारी थी, इसलिए उन पर भी केस हुआ है.
दूसरी एफआईआर को खुद मुठभेड़ की घटना को लेकर दर्ज किया गया है. पुलिस का दावा है कि भरत तिवारी हथियार लेकर भागने की कोशिश कर रहा था. जब पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए पीछा किया तो उसने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. इस गोलीबारी में एक गोली पुलिस की सरकारी गाड़ी को भी लगी. पुलिस के मुताबिक उन्होंने भरत को सरेंडर करने की कई चेतावनियां दी थीं. जब वह नहीं माना तो पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे घायल होने के बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई. मौके से एक पिस्टल और कारतूस भी मिले हैं.
तीसरी एफआईआर एनकाउंटर के बाद भड़के जनआक्रोश और हाईवे जाम करने के मामले में हुई है. पुलिस ने बेलौटी पंचायत के मुखिया बलिराम यादव समेत 14 मुख्य लोगों को इसमें नामजद किया है. इसके साथ ही 50 से ज्यादा अनजान प्रदर्शनकारियों पर भी केस दर्ज किया गया है. इन लोगों पर नेशनल हाईवे को जाम करने, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करने और पथराव करने के आरोप हैं. इस तीसरी कार्रवाई के बाद से स्थानीय लोगों और मृतक के परिवार में पुलिस के प्रति नाराजगी और ज्यादा बढ़ गई है.
इस पूरे मामले को लेकर बिहार की राजनीति भी गरमा गई है. पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सीधे सरकार और बिहार पुलिस पर हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने जानबूझकर यह नकली एनकाउंटर किया है. उधर, मृतक की मां सुमन देवी ने भी पुलिस को आवेदन देकर दावा किया है कि उनके बेटे ने हथियार डाल दिए थे, फिर भी उसे गोली मार दी गई. उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा चलाने की मांग की है. अब देखना होगा कि इस मामले की जांच में क्या सच सामने आता है.
