झारखंड में भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शन और अनशन पर बैठे देवेंद्र महतो ने सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत की है. उन्होंनें बातचीत के दौरान देवेंद्र महतो से जल ग्रहण के लिए बोला है, जिसके बाद उन्होंने आज पानी पीया है. इसके अलावा JMM प्रवक्ता मनोज पांडेय के तरफ से ऐसा बयान आया कि पूरे राजनीतिक गलियारों में तूफान आ गया. दरअसल, उन्होंने कहा है कि कोई भी CBI जांच नहीं की जाएगी और न ही कोई इस्तीफा होगा. उनके इस आदेश के बाद में प्रदर्शनकारी पूरी तरीके से भड़क गए है.
सोनम वांगचुक ने की बात
बता दें कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल होने वाले सोनम वांगचुक ने छात्रों से वीडियो कॉल पर बातचीत कर कहा कि झारखंड को अलग शिक्षामंत्री की जरूरत है. वह छात्रों के आंदोलन का पूरी तरीके से समर्थन करते हैं. उन्होंने देवेंद्र महतो से कहा कि वह अनशन के समय पानी, नमक और शहद लेते रहे. इससे वह अनशन को 100 दिन तक खींच सकते हैं.
सोनम वांगचुक की बात को सुन देवेंद्र महतो ने कहा कि उन्हें काफी कमजोरी महसूस हो रही है, लेकिर जंतर-मंतर का आंदोलन उन्हें ताकत देता है. बीते 26 वर्षों से झारखंड में पेपर लीक जैसी घटनाएं होती आ रही है. वहीं, अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हुए एक छात्र ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री जी CGL में CID की जांच हम देख चुके हैं. हमें CID पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है. अगर आपका दिल बड़ा है और निष्पक्ष जांच को करवाना चाहते हैं तो CBI से करवाएं. अगर आप अपने गुर्गों और चमचों से राज्य की शासन-व्यवस्था को चलवाना चाहते हैं. तो फिर आपके अंदर में सेल्फ डिसीजन लेने का कोई भी क्षमता बाकी नहीं है. इसी वजह से हमको ऐसा मुख्यमंत्री नहीं चाहिए, जो नौजवानों के भविष्य के साथ में खिलवाड़ नहीं करता है.’
साथ ही छात्र ने कहा कि ‘मैं मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करता हूं. अगर वह कुछ भी नहीं कर सकते है. अगर वह हमारे भविष्य को बिकने से नहीं बचा सकते हैं तो वह इस्तीफा दें और किसी पढ़ें लिखे को हमारा मुख्यमंत्री बनने दें.’
ये भी पढ़ें: वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर! बिना इंश्योरेंस वाले वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल?
