किसी भी केस की निष्पक्ष और हाई लेवल जांच के लिए CBI पर भरोसा जताया जाता है. हर व्यक्ति बिना भ्रष्टाचार के और हाई लेवल जांच के लिए CBI पर ही भरोसा करता हैं. इसी बीच लेकिन ऐसा मामला आया, जिसने एजेंसी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए है. दरअसल, जिस CBI पर हम इतना भरोसा करते है उसी के अधिकारी पर चोरी करने का आरोप लगाया गया है.
दरअसल, CBI की टीम एक व्यक्ति के घर में छापेमारी के लिए गई थी. छापेमारी के दौरान टीम के ही एक अधिकारी ने एक लाख रुपये चुरा लिए. अधिकारी ने चुराए पैसे को वाहन की फ्लोर मैट के नीचे छिपा दिया था, ताकि किसी को ही उस पर शक न हो.
हालांकि, ज्यादा देर तक यह चोरी छिप नहीं पाई. दरअसल, मौके पर ही मौजूद व्यक्ति ने आरोपी अधिकारी को मैट के नीचे पैसा छिपाते हुए देख लिया था, जिसके बाद तलाशी में वह पैसे बरामद किए गए. आरोपी अधिकारी ने दूसरे अधिकारियों के सामने अपनी चोरी को कबूल भी किया था.
कोर्ट ने दी जमानत
कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान कहा गया कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है. सभी गवाहों के बयान दर्ज है. सभी जांच हो चुकी है. चोरी की रकम को बरामद कर लिया गया है. इसी कारण से आरोपी को आगे हिरासत में लेने की कोई भी जरूरत नहीं है. आरोपी काफी सालों से CBI में काम कर रहा . इसी कारण से उसके फरार होने की कोई संभावना नहीं है. अदालत ने आरोपी को 50 हजार के जमानती बॉन्ड में जमानत दी है. साथ ही बिना अनुमति के दिल्ली-एनसीआर को छोड़ कर जाने, गवाहों से संपर्क न रखने, सबूतों से कोई भी छेड़छाड़ न करने और पासपोर्ट अदालत में जमा करने की शर्त लगाई है.
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