राम मंदिर दान चोरी मामले के बीच अब एक दूसरा विवाद सामने आया है. राम निवास मंदिर के पंच प्रमुख हरिशंकर सफारीवाला ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर मंदिर पर कब्जा करने का आरोप लगाया है.

चंपत राय पर एक और आरोप
राम मंदिर दान चोरी मामला इन दिनों काफी चर्चा में है. मामले में लगातार जांच आगे बढ़ रही है और नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अब इसी बीच मंदिर परिसर के पास मौजूद प्रचीन राम निवास मंदिर को लेकर गुरुवार को नया विवाद खड़ा हो गया है. राम निवास मंदिर के पंच प्रमुख हरिशंकर सफारीवाला ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और उनके सहयोगियों के ऊपर फर्जी डॉक्यूमेंट्स के जरिए मंदिर पर कब्जा करने की साजिश का आरोप लगाया है.
जन्मभूमि के बगल में मौजूद है राम निवास मंदिर
हरिशंकर सफारीवाला का कहना है कि उनकी शिकायतों के बाद भी प्रशासन ने अभी तक किसी तरह की प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है. लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि राम निवास मंदिर जन्मभूमि परिसर के ठीक बगल में मौजूद एक पंचायती मंदिर है, जिसका संचालन पंच समिति करती है. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को मंदिर की संपत्ति बेचने का अधिकार नहीं है.
5.80 करोड़ का फर्जी सौदा
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि चंपत राय और उनके सहयोगियों ने मंदिर को बिक्री योग्य संपत्ति दिखाया और लगभग 5.80 करोड़ रुपए का फर्जी सौदा तैयार कराया. उनके मुताबिक मंदिर के पुजारी और उसके रिश्तेदारों के बैंक में लगभग 60 लाख रुपए भी भेजे गए. उन्होंने बताया कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर मंदिर पर कब्जा करने की कोशिश की गई है.
50 करोड़ है मंदिर की कीमत
सफारीवाला के मुताबिक मंदिर समिति के सदस्यों को करोड़ों रुपयों का लालच देकर परिसर छोड़ने का दबाव बनाया गया है. हालांकि समिति ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया. उन्होंने दावा किया कि मंदिर और उससे जुड़ी हुई जमीन की कीमत लगभग 50 करोड़ रुपए है. उन्होंने इस दौरान यह भी आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं के द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे का हिसाब मांगने पर किसी तरह का जवाब नहीं दिया गया है.
