असम में बाढ़ आने की वजह से स्थिति काफी खतरनाक नजर आ रही है. कई पशु और लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि, रविवार के दिन स्थिति में काफी सुधार देखने को मिला है. अधिकारियों ने जानकारी दी है कि रविवार के दिन पूरी रात बारिश नहीं हुई है, जिसके कारण स्थिति थोड़ी कंट्रोल में दिखाई दे रही है. बता दें कि इस बाढ़ में लोगों के मरने की संख्या अब 66 हो गई है. वहीं, 6.50 लाख लोगों का जनजीवन पूरी तरीके से अस्त व्यस्त हो चुका है.
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी ने उम्मीद जताते हुए कहा है कि दो तीन दिन के अंदर स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है. ऊपरी असम के अधिकतर बाढ़ प्रभावित हिस्से शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव में जलस्तर कम हो रहा है. उन्होंने बताया कि राहत के कामों को भी बेहतर तरीके से संचालित किया जा रहा है.
प्राधिकरण ने जारी की रिपोर्ट
जारी रिपोर्ट के मुताबिक डिब्रूगढ़, चराइदेव, जोरहाट, गोलाघाट, शिवसागर और नगांव में 6,54,800 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए है.
इन सभी जिलों से सबसे ज्यादा नुकसान शिवसागर पर पड़ा है. यहां पर 2.90 लाख प्रभावित हुए है.
चराइदेव में 1लाख 90 हजार लोगों प्रभावित हुए है.
जोरहाट में 1 लाख 30 हजार लोग प्रभावित हुए है.
24 घंटे में 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद जान गंवाने वालों की संख्या 66 हो चुकी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया आश्वासन
असम के हालत काफी भयावह हो रखे हैं, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को केंद्रीय सरकार से हर संभव सहायता देने की बात की है. जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय पत्तन और पोत परिवहन ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र के शिविरों का दौरा किया है. उन्होंने भोजन और पानी से लेकर सभी चीजों की उपलब्धता कराने के निर्देश दिए है. असम के मुख्यमंत्री हिंमत बिस्वा सरमा ने कहा है कि स्थिति में जल्द ही सुधार देखने को मिलेगा. प्राधिकरण हर जगह पर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहा है.
इतना नुकसान लोगों को पड़ा झेलना
प्राधिकरण ने बताया कि राज्य में कुल 810 गांव जलमग्न हो चुके है.
सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर आ चुकी है.
34,970.8 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंच चुका है.
पुल, सड़क और आम बुनियादी ढांचों को क्षति पहुंच चुकी है.
मदद के लिए पहुंचा प्राधिकरण
छह जिलों में 274 राहत शिविर
18,902 लोगों को दिया गया आश्रय
पीड़ित लोगों को बांटा खाना खाना- 83.75 क्विंटल नमक, 286.99 क्विंटल दाल, 7,995.01 लीटर सरसों तेल और 1,668.68 क्विंटल चावल वितरित किया जा चुका है.
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