बिहार से एक दिल को झकझोर कर रख देने वाला मामला सामने आया है. सालों की मेहनत और लग्न इस तरीके से उस सपने को तोड़ देगी, किसी ने भी नहीं सोचा होगा. दरअसल, यहां पर 23 वर्षीय युवक की दौड़ के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. होनहार बेटे की मौत की खबर सुन पूरा परिवार शोक के माहौल में डूब चुका है.
मामला नवादा के अकबरपुर प्रखंड के कलौन्दा चातर गांव का है. सहदेव दास का बड़ा बेटा चंदन कुमार बड़ा ही होनहार था. उसने कई सारी एग्जाम को पास किया हुआ था. दरोगा भर्ती की मेंस परीक्षा के साथ-साथ उसने रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा भी पास कर ली थी. साथ ही आगे की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उसे डेट तक मिली चुकी थी. अपने वर्दी पहनने के सपने को पूरा करने के लिए वह बड़े ही लग्न से तैयारी कर रहा था. करीब 10 महीने पहले ही उसने शारीरिक प्रशिक्षण अकादमी में दाखिला लिया था. वह रोजाना शारीरिक परीक्षा की तैयारी करता था. ताकि शारीरिक एग्जाम को भी आसानी से निकाल पाए.
हालांकि, एक दिन उसकी इसी लग्न ने उसकी जान ले ली. दरअसल, हमेशा की तरह चंदन अभ्यास कर रहा था, लेकिन सोमवार के दिन वह अचानक ही दौड़ लगाते-लगाते बेहोश होकर मैदान में गिर गया. उसके साथी बिना किसी देरी के उसे नजदीकी अस्पताल में लेकर के गए. हालांकि, डॉक्टरों ने उसे जांच के बाद में मृत घोषित कर दिया. अचानक हुई मौत से सभी लोग सन्न रह गए. किसी तरह साथियों ने हिम्मत बनाकर चंदन के घर में इसकी जानकारी दी. पूरी तरीके से लक्ष्य पर ध्यान देने वाला अचानक ही तबीयत खराब होने से ऐसा गिरा कि पूरा गांव शोक में डूब गया. मात-पिता के साथ-साथ भाई का भी रो-रोकर बुरा हाल है. चंदन की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है. सभी परिवार वालों से मिल उन्हें सांत्वना देते दिखाई दे रहे हैं.
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