दिल्ली सरकार ने सरकारी अस्पताल से संबंधित एक बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, सरकार ने तय समय से पहले OPD बंद होने पर पर सख्त नियम बनाए है. उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने सरकारी अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट और मेडिकल डायरेक्टर को सख्त निर्देंश देते हुए कहा है कि ओपीडी में दवा विरतण सेवाएं अपने निर्धारित समय तक चलनी चाहिए. काउंटर को समय से पहले बंद करने पर अगर किसी भी मरीज को परेशानी का सामना करना पड़ा तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
बैठक के दौरान निम्न बिंदुओं पर हुई बातचीत
दवाओं की उपलब्धता
बिस्तरों की स्थिति
अस्पतालों की साफ-सफाई
डॉक्टरों और कर्मचारियों की तैनाती
ओपीडी की जांच व्यवस्थाएं और व्यवस्था
सरकार ने इन सभी कामों पर ध्यान देने का निर्देश दिया है. ताकि किसी भी मरीज को दिक्कत न आए. साथ ही सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था भी सुधारने के लिए भी कहा गया है. इस बैठक में सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट रहने के लिए बोला गया है. इस समय में सबसे ज्यादा डेंगू और चिकनगुनिया के मरीज अस्पताल आते हैं. इसी कारण से दवाओं की खरीद बिक्री से लेकर सभी चीजों का ध्यान रखने के लिए बोला गया है.
बैठक में जर्जर भवनों को क्यों किया गया आकलन?
बता दें कि केवल दवाओं और ओपीडी पर ही नहीं बल्कि अन्य चीजों पर भी ध्यान दिया गया है. दिल्ली के अस्पताल में 18हजार बेड उपलब्ध है. मानसून के समय में और बेड की जरूरत पड़ सकती है. इसी कारण से उनकी उपलब्धता के निर्देश भी दिए गए है,
इस बातचीत में जर्जर भवन, ओपीडी और इमरजेंसी रूम के भवनों का आकलन भी किया गया है. जो भी भवन मरम्मत के लिए है, उनको ठीक करने के निर्देश भी दिए गए है. मरम्मत के काम में तेजी लाई जाएगी. ताकि मरीजों को या अस्पताल के स्टाफ को ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े. इस बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
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