गाजियाबाद से ग़ायब हुए एक डॉक्टर के शव ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर बरामद हुआ. पुलिस को एक्सप्रेसवे पर एक कार के काफ़ी समय तक खड़े होने की सूचना मिली थी. इसी कार से डॉक्टर का शव बरामद हुआ है.
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के नंदग्राम इलाके से लापता हुए डॉक्टर का शव ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर एक कार से बरामद हुआ है. डॉक्टर की पहचान 30 साल के शिवम कार्तिकेय के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि कार काफी देर से एक ही जगह खड़ी थी. इस पर किसी ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलने के बाद मुरादनगर पुलिस मौके पर पहुंची और कार की जांच की. अंदर डॉक्टर का शव मिला.
परिवार ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी
पुलिस ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. शिवम कार्तिकेय नंदग्राम थाना क्षेत्र से लापता हुए थे. उनके परिजनों ने 29 सितंबर को नंदग्राम थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी. इसके बाद से पुलिस उनकी तलाश कर रही थी. इसी बीच ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर एक कार में शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली.
कार की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कार की जांच की तो उसमें एक व्यक्ति का शव मिला. मृतक की पहचान डॉ. शिवम कार्तिकेय के रूप में हुई. पुलिस के अनुसार, वह राज नगर एक्सटेंशन स्थित वीवीआईपी मंगल सोसाइटी के फ्लैट नंबर 1506 में रहते थे.
पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
पुलिस के मुताबिक ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर ब्रेजा कार नंबर UK06BL3119 के काफी समय से एक जगह खड़ी होने की सूचना डायल पर मिली थी. कार की जांच करने पर उसमें डॉक्टर का शव मिला. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. शुरुआती जांच में डॉक्टर के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं. पुलिस को कार के अंदर दवाइयों से जुड़ी कुछ जानकारी भी मिली है.
पुलिस कर रही मामले में जांच
घटना के बाद पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि डॉक्टर ने दवाइयों की ओवरडोज ड्रिप खुद अपने शरीर में लगाई थी. इसी वजह से उनकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह नंदग्राम से कब और कैसे निकले थे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे तक कैसे पहुंचे.
