US-India Relations & Trade Deal: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और राजदूत सर्जियो गोर ने एक इंटरव्यू में भारत-अमेरिका ट्रेड डील, रूस के तेल, पाकिस्तान और रक्षा सहयोग पर खुलकर बात की है.

US-India Relations & Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों को लेकर एक नया और अहम अपडेट सामने आया है. हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक खास इंटरव्यू दिया है. इस बातचीत में दोनों ने भारत-अमेरिका की ट्रेड डील, रक्षा सहयोग, रूस-यूक्रेन जंग और पाकिस्तान के साथ रिश्तों जैसे तमाम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी है. अमेरिकी नेताओं का कहना है कि दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है. आइए जानते हैं इस इंटरव्यू की सबसे बड़ी और खास बातें क्या रही हैं.
ट्रेड डील और आपसी व्यापार पर क्या बोले रुबियो?
भारत और अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील अब अपने अंतिम दौर में पहुँच चुकी है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है कि समझौते को लेकर अब बहुत कम और चुनिंदा मुद्दे ही बचे हैं. उन्हें पूरा भरोसा है कि ऐसी कोई बड़ी बाधा नहीं आएगी जो दोनों देशों को समझौते तक पहुँचने से रोक सके. हालांकि उन्होंने टैरिफ की बारीकियों पर खुलकर कुछ नहीं कहा, लेकिन यह जरूर माना कि किसी भी अच्छे समझौते का मकसद व्यापार में स्पष्टता और भरोसा पैदा करना होता है ताकि निवेशकों को किसी तरह की अनिश्चितता का सामना न करना पड़े.
रूसी डीजल और तेल खरीद पर अमेरिका का नया रुख
रूस से तेल और डीजल खरीदने के मामले पर मार्को रुबियो ने व्यावहारिक रुख दिखाया है. उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार इस समय कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं. लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट के हालात ने तेल की सप्लाई को प्रभावित किया है. अमेरिका का मानना है कि इस वक्त बाजार में अतिरिक्त ऊर्जा आपूर्ति की जरूरत है. यही वजह है कि भारत जैसे देशों द्वारा ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए उठाए जा रहे कदमों को एक बड़े और वैश्विक नजरिए से देखा जा रहा है.
पाकिस्तान और आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिकी सफाई
मुंबई के ताज होटल में हुए इस इंटरव्यू के दौरान 26/11 आतंकी हमलों और पाकिस्तान से जुड़े सवाल भी पूछे गए. इस पर मार्को रुबियो ने साफ किया कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के रिश्ते भारत की कीमत पर बिल्कुल नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत की आतंकवाद से जुड़ी चिंताओं को अच्छी तरह समझता है. अमेरिका का मकसद पाकिस्तान के साथ रिश्तों का इस्तेमाल क्षेत्रीय स्थिरता और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करना है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका हमेशा युद्ध के बजाय कूटनीति और शांति को बढ़ावा देता है.
रक्षा सहयोग और F-35 लड़ाकू विमानों की गूंज
भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी इस समय अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुँच चुकी है. अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि हाल ही में भारत में हुए सैन्य अभ्यासों में अमेरिकी सैनिकों ने हिस्सा लिया है. ‘तरंग शक्ति’ अभ्यास के दौरान पहली बार अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमानों ने भारतीय विमानों के साथ मिलकर आसमान में अपनी ताकत दिखाई है. दोनों देश अब सिर्फ हथियार खरीदने-बेचने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संयुक्त उत्पादन और रक्षा तकनीक के मामले में भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की दोस्ती पर मुहर
इंटरव्यू के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिश्तों पर भी चर्चा हुई. सर्जियो गोर ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच गहरी दोस्ती है और वे समस्याओं का तेज समाधान चाहते हैं. आने वाले दिनों में दोनों नेताओं की आमने-सामने की मुलाकात कराने की तैयारी चल रही है. मार्को रुबियो ने भी राष्ट्रपति ट्रंप की कार्यशैली की तारीफ करते हुए उन्हें एक ऐसा नेता बताया जो पारंपरिक लीक से हटकर ऐतिहासिक और बड़े फैसले लेने का माद्दा रखते हैं.
