school teachers cooking: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में रसोइयों की हड़ताल के कारण शिक्षक खुद बच्चों के लिए मिड-डे मील बना रहे हैं. सुदूर इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों द्वारा चूल्हा संभालने की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिससे पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है.

school teachers cooking: Chhattisgarh के Surguja district से इन दिनों एक अलग ही तस्वीर सामने आई है. यहां सरकारी स्कूलों में शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ खाना भी बना रहे हैं. दरअसल स्कूलों में मिड डे मील बनाने वाले रसोइये अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं. इसके कारण स्कूलों में खाना बनाने वाला कोई नहीं बचा. ऐसे में बच्चों को भूखा न रहने देने के लिए शिक्षक खुद ही रसोई में उतर गए. सोशल मीडिया पर शिक्षकों की खाना बनाते हुए कई तस्वीरें भी तेजी से वायरल हो रही हैं.
बताया जा रहा है कि रसोइयों का संगठन वेतन बढ़ाने और कुछ अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है. इसी वजह से कई दिनों से स्कूलों में रसोइये काम पर नहीं आ रहे हैं. सरकार की योजना के तहत बच्चों को रोज मिड डे मील देना जरूरी होता है. इसलिए विभाग के निर्देश के बाद शिक्षकों को ही यह जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है. लेकिन इससे पढ़ाई पर असर पड़ रहा है. क्योंकि जो समय पढ़ाने में लगना चाहिए, वह अब रसोई के काम में लग रहा है.
यह मामला खास तौर पर Lakhanpur विकासखंड के दूर-दराज के गांवों का है. इनमें Argoti Tapta और Muda Para जैसे गांव शामिल हैं. यहां के स्कूल जंगल और दूरस्थ इलाकों में स्थित हैं. रसोइयों की हड़ताल के कारण स्कूलों में कोई भी खाना बनाने नहीं आ रहा. ऐसे में शिक्षकों को खुद ही चूल्हा संभालना पड़ रहा है. कई जगह प्रधानाध्यापक भी बच्चों के लिए भोजन बनाते नजर आए.
तपता माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक Rajesh Kumar Gautam और मुड़ापारा प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक Krishna ने बताया कि कई दिनों से यही स्थिति बनी हुई है. उनके मुताबिक रसोइये काम पर नहीं आ रहे हैं. ऊपर से विभाग की तरफ से भी कोई दूसरी व्यवस्था नहीं की गई है. ऐसे में मजबूरी में शिक्षकों को ही खाना बनाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि बच्चों को भोजन देना जरूरी है. इसलिए किसी तरह यह जिम्मेदारी निभाई जा रही है.
शिक्षकों का कहना है कि इस व्यवस्था से कई तरह की परेशानियां बढ़ गई हैं. एक तरफ पढ़ाई का समय कम हो रहा है. दूसरी तरफ खाना बनाने में भी काफी मेहनत लगती है. कुछ जगहों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी काम करने के लिए तैयार नहीं हुईं. ऐसे में स्कूल का पूरा काम शिक्षकों के जिम्मे आ गया है. अब सभी को उम्मीद है कि जल्द ही हड़ताल खत्म होगी और स्कूलों में सामान्य व्यवस्था फिर से शुरू हो सकेगी.
