बुलंदशहर प्रशासन से हेलीकाप्टर की लैंडिंग की परमिशन न मिलने पर अखिलेश यादव का दौरा रद्द हो गया है. अखिलेश ने कहा कि पदाधिकारियों के सामने निष्पक्ष विशेषज्ञों से जांच कराकर सत्य सामने रखा जाए.
बुलंदशहर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे को लेकर सियासी घमासान अब और तेज हो गया है. अखिलेश यादव ने अपने दौरे से पहले बुलंदशहर प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बुलंदशहर में हैलीपैड पर दूर-दूर तक जलभराव नहीं है, केवल जबरदस्ती का सीमेंट, गारा और पेवर ब्लाक्स दिखाकर, शासन के गुपचुप निर्देश पर प्रशासन हमारे 11 सितंबर के कार्यक्रम को रद्द करने का बहाना ढूंढ रहा है.
प्रशासन पर उठाये सवाल
प्रशासन पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि सपा के पदाधिकारियों के सामने निष्पक्ष विशेषज्ञों से जांच कराकर सत्य रखा जाए. अगर हम सड़क मार्ग से आएंगे तो भी क्या एक्सप्रेसवे या हाईवे या रोड के खराब होने के बहाने बनाए जाएंगे क्योंकि वो सब सड़कें तो सच में चलने लायक नहीं हैं.
12 सितंबर को था दौरा
आपको बता दें कि पहले 12 सितंबर को बुलंदशहर आने का कार्यक्रम प्रस्तावित था, जिसके लिए सपा जिला संगठन ने अनुमति मांगी थी. प्रशासन की ओर से 12 सितंबर के कार्यक्रम को अनुमति भी दे दी गई थी. बताया जा रहा है कि इसके बाद लखनऊ से कार्यक्रम में बदलाव किया गया और अखिलेश यादव का दौरा 11 सितंबर को तय हुआ.
प्रशासन ने नहीं दी परमिशन
नए कार्यक्रम के तहत कोतवाली नगर क्षेत्र के डीएम रोड स्थित ग्रीन इंडिया होटल में कार्यकर्ता सम्मेलन और प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रस्तावित थी. हालांकि अखिलेश यादव के हेलीकॉप्टर की पुलिस लाइन मैदान में लैंडिंग की परमिशन प्रशासन की ओर से नहीं दी गई. पुलिस प्रशासन ने तकनीकी जांच में मैदान को वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने की बात कही. वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट ने मैदान में पानी भरे होने का हवाला दिया.
रद्द हो गया कार्यक्रम
इसके बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे. अब बुलंदशहर सपा जिलाध्यक्ष मतलूब अली ने जानकारी दी कि हेलीकॉप्टर उतरने की अनुमति नहीं मिलने के कारण 11 सितंबर को होने वाला अखिलेश यादव का बुलंदशहर कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है.
