बांकीपुर उपचुनाव से पहले जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर और विकासशील इंसान पार्टी को बहुत बड़ा झटका लगा है. दरअसल, जन सुराज पार्टी की नेता चेतना झांब और वीआईपी की नेता मधुकर आनंद ने बड़ा फैसला लिया है.16 जुलाई दिन गुरुवार को दोनों ने बीजेपी का हाथ थाम लिया है. मधुकर आंनद ने बुधवार के दिन इस्तीफा दिया है. तो वहीं, चेतना झांब ने चुनाव के टाइम में जनसुराज पार्टी का हाथ छोड़ दिया है.
बिहार BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरवगी मौके पर मौजूद थे. उन्होंने कहा कि लगातार बीजेपी का कुनबा बढ़ता जा रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी के काम लोगों का विश्वास है. इसी कारण से बुधवार के दिन में बड़ी संख्या में लोग बीजेपी में शामिल हुई है. आज के दिन भी वीआईपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मधुकर आनंद ने बीजेपी का हाथ थामा है. उनके आने से पार्टी और मजबूत हो गई है.
चेतना झांब और मधुकर आनंद, दोनों की ही गुरुवार के दिन संजय सरावगी की मौजूदगी में प्राथमिकता दिलाई गई है. मधुकर आनंद की पत्नी भी बीजेपी में शामिल हो गई है. बातचीत के दौरान में मधुकर आनंद ने कहा कि वीआईपी को छोड़ने का कारण मेरा अपना है. पार्टी में काम करने का स्पेस कम हो चुका था. पार्टी में रहकर किसी कारण से धारा के विपरीत तैर नहीं पा रहे थे. भविष्य हमे उनके साथ में समझ नहीं आया. काम करने की जगह नहीं मिली इसलिए नई जगह आए है. हम सभी बीजेपी के लिए काम करे रहे हैं. मधुकर आनंद ने मुकेश सहनी पर तंज कसते हुए कहा कि मुकेश सहनी ने महागठबंधन में जाने का निर्णय जिस स्थिति में लिया वह बिल्कुल सही नहीं था. हम लोगों ने कहा था यह गलत है. 4 साल बीजेपी में रहे फिर भी समझ नहीं पाए, अंतिम समय में समझ रहे हैं.
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