चारधाम यात्रा को लेकर इस बार उत्तराखंड सरकार ने कई सारे बदलाव किए है. बता दें कि पहले सरकार ने रील बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद गैर हिंदुओं के आने पर भी रोक लगा दी है. इसी बीच सरकार ने एक और फैसला लिया है.
बता दें कि सरकार ने चारधाम यात्रा के दौरान प्रयोग होने वाले घोड़े और खच्चरों पर भी अहम फैसला लिया है. दरअसल, सरकार ने शारीरिक रूप से कमजोर घोड़े और खच्चरों पर रोक लगा दी है. पशुपालन मंत्री सौरव बहुगुणा से सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि जो भी खच्चर शारीरिक रूप से कमजोर है. उन्हें यात्रा में नहीं चलाया जाएगा. अगर किसी भी तरह की सेहत से संबंधित दिक्कत पाई गई, तो सख्त से सख्त कार्रवाई पाई जाएगी.
क्यों लिया गया यह फैसला
बता दें कि साल 2022 में चार धाम यात्रा के दौरान 250 के करीब खच्चर और घोड़ों की मौत हुई थी. इतनी बेरहमी से होने वाली मौतों ने लोगों के दिलों को दहला कर रख दिया था, जिसके बाद सरकार ने यह फैसला लिया है.
साथ ही यात्रा वाले मार्ग में हेल्थ कैंप को भी लगाए जाएंगे, जो कि घोड़ों और खच्चरों का सर्वेक्षण करेंगे. वह जानवर जो शारीरिक रूप से सही नहीं होगा, उसको तत्काल यात्रा से हटाया जाएगा.
मामले की निगरानी के लिए एक टास्क फोर्स भी बनाई जाएगी. इस टास्क फोर्स का काम खच्चरों और उनके मालिकों पर नजर रखना होगा. जो भी खच्चरों या गधों के साथ में जबरदस्ती करते हुए दिखेंगे. उनपर सख्त से सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है.
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