उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीजेपी ने रोजा इफ्तार पार्टी का बड़े स्तर पर आयोजन किया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य सपा के मजबूत मुस्लिम वोट बैंक को काटना माना जा रहा है.
मेरठ में बीजेपी की इफ्तार पार्टी का आयोजन
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तैयारियां दिखाई देनी शुरू हो गई हैं. राजनीतिक पार्टियों ने वोटरों को साधना शुरू कर दिया है. विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहल इलाके में बड़ा दांव खेला है. बीजेपी ने गुरुवार को मेरठ में रोजा इफ्तार पर्टी का आयोजन किया. आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद में बीजेपी की तरफ से पहली बार इस तरह का बड़ा इफ्कार आयोजन किया गया है.
पश्चिमी यूपी में सपा का मजबूत वोट बैंक
आपको बता दें कि मुस्लिम आबादी पश्चिमी यूपी में सपा का मजबूत वोट बैंक है, जिसके असर को कम करने का बीजेपी हमेशा चाहती है. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक साल 2024 के चुनावों में मुस्लिम वोट का 87 प्रतिशत हिस्सा इंडिया ब्लॉक यानी सपा-कांग्रेस को गया था. जिसके बाद से बीजेपी लगातार कोशिश कर रही है कि इस वोट बैंक को कम करके 5-10% का बदलाव लाया जा सके.
8 से 10 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद
भाजपा ने इस वोट बैंक को कम करने के लिए मेरठ को चुना, जिससे सीधे तौर पर मुस्लिम समुदाय से कनेक्शन जुड़ सके. मेरठ में आयोजित हुए इस इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के यूपी प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने किया. इस कार्यक्रम में लगभग 8 से 10 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है. मेरठ में आयोजित हुई इस इफ्तार पार्टी में कई बीजेपी नेता शामिल रहे हैं.
रमजान भाईचारे का महीना
इस कार्यक्रम के दौरान कुंवर बासित अली ने कहा कि रमजान भाईचारे और अमन-चैन का महीना है. हम सब लोग मिलकर विकसित उत्तर प्रदेश और मजबूत भारत का निर्माण करेंगे. उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति सम्मान, प्रेम और सद्भाव की है. इफ्तार जैसे कार्यक्रम एकजुटता को बढ़ाने का काम करते हैं. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ इफ्तार नहीं बल्कि मुस्लिम समुदाय के साथ संवाद शुरू करने का एक तरीका है.
सपा का वोट बैंक काटना चाहती बीजेपी
विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इफ्तार के माध्यम से मुस्लिमों का एकमुश्त वोट न चाहकर सपा के वोट बैंक को काटने का काम करना चाहती है. बीजेपी सॉफ्ट कार्यक्रमों के जरिए मुस्लिम समाज से जुड़ रही है और सपा को नुकसान पहुंचाने का काम शुरू कर रही है. आपको बता दें कि बीजेपी ने मोदी सरकार पहली बार आने के बाद में इफ्तार बंद कर दिए थे, लेकिन अब 2027 को देखते हुए अल्पसंख्यक मोर्चा को फिर से सक्रिय करना शुरू कर दिया है.
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