donald trump warns iran military: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि परमाणु कार्यक्रम और सुरक्षा गारंटी पर समझौता नहीं हुआ, तो दोबारा सैन्य कार्रवाई की जा सकती है. ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से 14 शर्तों का एक जवाबी प्रस्ताव भेजा है, जिसमें प्रतिबंधों में ढील और सुरक्षा की गारंटी मांगी गई है, जबकि दोनों देशों के बीच भरोसे की भारी कमी बनी हुई है.

donald trump warns iran military: अमेरिका और ईरान के बीच भले ही फिलहाल सीजफायर लागू है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी खत्म नहीं हुआ है. हालात ऐसे हैं कि किसी भी समय टकराव फिर बढ़ सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की जा सकती है. उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है. परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य और सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं. इसी वजह से समझौते की कोशिशें बार-बार अटक रही हैं.
इस बीच ईरान की ओर से भी कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं. ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने ओमान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi से फोन पर बातचीत की. इस बातचीत में हाल के घटनाक्रमों और क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की गई. अराघची ने बताया कि ईरान क्षेत्र में शांति कायम करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाना चाहता है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अमेरिका और इजरायल से जुड़े संघर्ष को खत्म करने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहा है.
हालांकि जमीन पर स्थिति अभी भी जटिल बनी हुई है. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कई बार हुई, लेकिन किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई. इसकी सबसे बड़ी वजह तीन बड़े मुद्दे हैं. पहला ईरान का परमाणु कार्यक्रम है. दूसरा होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित नाकाबंदी का सवाल है. तीसरा भविष्य में हमले न करने की गारंटी का मामला है. अमेरिका इन मुद्दों पर कड़ी शर्तें रख रहा है. वहीं ईरान भी अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा. यही कारण है कि हर बार बातचीत अधूरी रह जाती है.
राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि ईरान पहले जितना मजबूत नहीं रहा. उनके मुताबिक ईरान अब समझौता करने के लिए मजबूर हो सकता है. उन्होंने कहा कि उन्हें डील का पूरा मसौदा जल्द दिखाया जाएगा. ट्रंप का यह भी कहना है कि अगर ईरान गलत कदम उठाता है तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला रहेगा. दूसरी तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी तनाव बना हुआ है. अमेरिकी नाकाबंदी के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. भारी मात्रा में तेल उत्पादन होने के बावजूद वह उसे आसानी से बेच नहीं पा रहा. इसका असर उन देशों पर भी पड़ रहा है जो ईरान से तेल खरीदते रहे हैं.
ईरान ने भी हाल ही में एक नया प्रस्ताव भेजा है. रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप की नौ शर्तों के जवाब में ईरान ने चौदह शर्तों वाला प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए भेजा है. इसमें तनाव कम करने की योजना, होर्मुज में राहत और परमाणु मुद्दे पर कुछ लचीलापन शामिल बताया गया है. साथ ही ईरान ने प्रतिबंधों में ढील और सुरक्षा की गारंटी की मांग की है. ईरान का कहना है कि वह शांति चाहता है, लेकिन अपनी शर्तों के साथ. फिलहाल बातचीत जारी है, लेकिन दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी साफ दिखाई दे रही है. अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि बातचीत से शांति होगी या फिर हालात किसी बड़े युद्ध की ओर बढ़ेंगे.
