बाबा नीम करोरी के भक्तों के लिए काफी खुशी वाली खबर है. बता दें कि फिरोजबाद के अकबरपुर गांव का नाम बदलकर बाबा नीम करोरी धाम रखने की तैयारी की जा रही है. हालांकि, अभी सरकार को इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया. अगर सरकार द्वारा मंजूरी दी गई तो जल्द ही अकबरपुर को नीम करोरी धाम से जाना जाएगा.
बता दें कि अकबरपुर गांव टूंडला तहसील में नागऊ ग्राम पंचायत के अंतर्गत में आता है. 1900 में बाबा नीम करोरी का इसी गांव में जन्म हुआ था. वह एक ब्राहाण परिवार से थे. बचपन में उनका नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा रखा गया था. भक्तों द्वारा उन्हें हनुमान जी का रूप माना जाता था.
महाराज के जन्मदिन पर हर साल कई धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. इनके भक्त भारत में ही नहीं बल्कि दूसरे देश के भी है. यहां रहने वाले इनके भक्त काफी सालों से नाम को चेंज करने की मांग कर रहे थे. संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही लोगों की इन मांगों को पूरा किया जाएगा.
चमत्कार पूरे विश्व में फेमस
दरअसल, 15 जून 1964 में कैंची धाम आश्रम का निर्माण किया गया था. धाम में हर साल लोगों की संख्या को बढ़ते हुए सरकार की तरफ से आश्रम को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में बदलने की कोशिश है. जानकारी के अनुसार उनके माता पिता द्वारा 11 वर्ष की आयु में ही विवाह करा दिया गया था. हालांकि, उन्होंने अपना घर छोड़ दिया था. वह घुमंतू साधु बनना चाहते थे. पिता जी के अनुरोध पर बाबा फिर घर को लौटे और सांसारिक जीवन को बिताया. उनके मन में लेकिन कुछ और ही था. इसी कारण से वह फिर अपने तपस्थल पर गए और उसके कैंची धाम तक की यात्रा को पूरा किया.
सरकार के प्रस्ताव पर मंजूरी देने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा. बता दें कि BJP के प्रदेश अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने अकबरपुर का नाम बदलकर नीम करोरी धाम रखने की मांग की है. इसी को अब शासन के पास में भेजा जाएगा.
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