मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनाव के बीच दुनिया में भारत की इमेज खराब करने की कोशिश की जा रही है. भारत के विदेश मंत्री की डीपफेक वीडियो बनाकर दुनिया में देश की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रहा है. इन सभी हरकतों का केंद्र पाकिस्तानी सोशल मीडिया को बताया जा रहा है.
भारत की बिगाड़ी जा रही छवि
मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच में भारत की फिर से एक बार बड़े पैमाने पर छवि बिगाड़ी जा रही है. भारत को फिर से ऑनलाइन दुष्प्रचार का सामना करना पड़ रहा है. इन सभी फर्जी अभियानों का केंद्र पाकिस्तान को बताया जा रहा है. आपको बता दें कि हाल ही के हफ्तों में AI से बनाई गई डीपफेक और एडिटेड वीडियो के माध्यम से भारत की छवि खराब करने की कोशिश की गई है.
विदेश मंत्री का वीडियो हो रहा वायरल
हाल में विदेश मंत्री एस. जयशंकर का एक डीपफेक वीडियो वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें झूठा दावा किया जा रहा है कि इजरायल को परेशान करने वाले मुस्लिम देशों को भारत बर्दाश्त नहीं करेगा. इस वीडियो में यह भी आरोप लगाया गया था, भारत के कहने पर ही इजरायल ने तालिबान को 3 अरब डॉलर दिए गए हैं. जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ तो तुरंत ही PIB की फैक्ट चेक यूनिट ने इसकी जांच की. टीम ने जांच में पाया कि वह वीडियो AI से बनाई हुई डीपफेक वीडियो थी और विदेश मंत्री ने इस तरह का कोई भी बयान नहीं दिया है.
4 साल में 2400 से ज्यादा फर्जी खबरें
आपको बता दें कि सरकारी आंकड़े दिखाते हैं कि गलत खबरों को फैलाने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले लगभग 4 सालों में PIB फैक्ट चेक यूनिट ने 2400 से ज्यादा इस तरह की फर्जी खबरों को गलत बताकर सच्चाई सामने लाई थी. आपको बता दें कि पिछले सिर्फ एक साल के अंदर ही 800 से ज्यादा फर्जी खबरों का पर्दाफाश किया है.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी फैली थी अफवाहें
किसी भी संकट के दौरान फेक न्यूज का सिलसिला बढ़ता जाता है. आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी भारत सरकार ने इस तरह की गलत खबरों को फैलाने वाले 1400 से ज्यादा URL ब्लॉक किए थे. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैन्य ठिकानों की तबाही और हवाई अड्डों के बंद होने जैसे झूठे दावे किए गए थे. जिसके बाद सरकार ने उन्हें पूरी तरह से गलत बताते हुए खारिज कर दिया था.
