हापुड़ में गूगल मैप पर भरोसा करना पूरे परिवार के लिए भारी पड़ गया है. दरअसल, आज के समय में लोग डिजिटल दुनिया पर पूरी तरीके से टिके हुए हैं. पेमेंट करना हो या पढ़ाई में डॉउट क्लियर करना हो, सभी चीजों के लिए लोग फोन पर टिके हुए हैं. यहां तक की रास्ते देखने के लिए भी लोग पूरी तरीके से गूगल मैप पर टिके हुए हैं. कोई ऐसी जगह, जहां का रास्ता आपको पता नहीं है, एक क्लिक में गूगल मैप पर डालने पर आ जाता है. हालांकि, इसी आंख बंद करके ऐप पर भरोसा करने की आदत की वजह से एक परिवार 2 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच में झूलता रहा है.
मौत का कारण बना गूगल मैप?
दरअसल, मोहम्मद ईशान अपनी गाड़ी से मेरठ के किठौर के लिए रवाना हुआ था. वह गौतमबुद्धनगर के दादरी में रहता है. किठौर में वह अपने रिश्तेदार के यहां जा रहा था. रात का समय और हापुड़ मेरठ का फ्लाईओवर का ट्रैफिक बंद होने की वजह से परिवार ने गूगल मैप खोला. गाड़ी चालक उसी मैप पर दिखाए रास्ते पर भरोसा कर गाड़ी चलाने लगा. मैप ने जो रास्ता दिखाया, उसी पर गाड़ी को ले जाया गया. किसी को नहीं पता था कि जिस रास्ते पर वह जा रहे हैं, वह उनके लिए मौत का बवंडर लेकर आ रहा है.
सभी लोग गाड़ी में फंसे
जानकारी के मुताबिक, कार जैसे ही हापुड़ के प्रीत विहार से उतरी, वह सीधे चार फीट गहरे नाले में जा गिरी. शॉक और पानी के दबाव के कारण कार के चारों दरवाजे सेंट्रल लॉक हो गए. कार के अंदर में दो मासूम बच्चे एक महिला ओर दो पुरुष थे. लॉक हो जाने की वजह से सभी का दम घुटने लगा. शीशे तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन वह कोशिश भी नाकाम रही.
4 फीट गहरा दलदल
हालांकि, इसी बीच ड्राइवर ने थोड़ी समझदारी दिखाई और पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर इसकी सूचना दी. मामले की जानकारी मिलते ही तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची. दो घंटे तक कार उस दलदल वाले नाले में फंसी रही, जिसके बाद कार का शीशा काटकर सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया. नाला करीब चार फीट गहरा था. अगर समय रहते मदद नहीं मिलती तो बड़ा हादसा हो सकता था.
पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि किसी भी ऐसे ऐप पर आंख बंद कर भरोसा न करें. हमेशा रास्ता वहां के लोकल लोगों से कंफर्म करते रहा करें.
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